किशनगंज महिला जागरूकता कार्यक्रम: अधिकारों और सुरक्षा पर जोर
किशनगंज के कोचधामन में आयोजित महिला जागरूकता कार्यक्रम में किशोरियों को उनके अधिकारों, सुरक्षा और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।

किशनगंज जिले के कोचधामन ब्लॉक में महिलाओं और किशोरियों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक विशेष किशनगंज महिला जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आंगनवाड़ी केंद्र संख्या 97 में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को उनके अधिकारों, सुरक्षा, गरिमा और आत्मनिर्भरता के प्रति शिक्षित करना था।
यह पहल जिला मजिस्ट्रेट नवीन कुमार के निर्देशानुसार और बिहार महिला एवं बाल विकास निगम के तत्वावधान में आयोजित की गई थी। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को समाज में अपनी पहचान बनाने और सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
सरकारी योजनाओं और आत्मनिर्भरता पर चर्चा
कार्यक्रम में मौजूद विशेषज्ञों ने महिलाओं को केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विशेषज्ञों ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला:
- महिला सशक्तिकरण: महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के उपाय।
- शिक्षा और स्वास्थ्य: बालिकाओं की शिक्षा और बेहतर पोषण पर ध्यान देना।
- सामाजिक सुरक्षा: समाज में सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना।
- आर्थिक स्वतंत्रता: स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भरता।
विशेषज्ञों में जेंडर स्पेशलिस्ट सुशील कुमार झा, बीबी चमन आरा, केस वर्कर देविका कुमारी और महिला पर्यवेक्षक रितु रानी शामिल थीं, जिन्होंने महिलाओं को मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान और मिशन शक्ति जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में बताया।
सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एकजुट होने की अपील
कार्यक्रम के दौरान समाज में व्याप्त कुरीतियों पर भी गंभीर चर्चा की गई। वक्ताओं ने महिलाओं से आग्रह किया कि वे शोषण के खिलाफ आवाज उठाएं और चुप न रहें। चर्चा के मुख्य विषय थे:
- बाल विवाह (जिसे एक कानूनी अपराध बताया गया)
- घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न
- कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न
- मानव तस्करी
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह न केवल एक अपराध है, बल्कि यह लड़कियों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास में भी बड़ी बाधा है। इसे जड़ से मिटाने के लिए सामूहिक सामाजिक प्रयास की आवश्यकता है।
"महिला सशक्तिकरण एक समृद्ध समाज की नींव है। प्रशासन महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने और सरकारी सेवाओं को उन तक पहुँचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"
— नवीन कुमार, जिला मजिस्ट्रेट
ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच सुनिश्चित करना
किशनगंज में महिला एवं बाल विकास निगम की नोडल अधिकारी और डीपीओ वंदना पांडेय ने कहा कि निगम लगातार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि जागरूकता और सहायता सेवाएं ग्रामीण इलाकों की अंतिम महिला तक पहुँचें। कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि महिलाओं की सुरक्षा और शिक्षा सुनिश्चित करना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।