किशनगंज: महिला किसानों को आधुनिक खेती का मंत्र, 5000 को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का लक्ष्य

Ghazala Saheb15 October 20262 min read0 viewsBihar
किशनगंज: महिला किसानों को आधुनिक खेती का मंत्र, 5000 को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का लक्ष्य

किशनगंज के खगड़ा स्थित सम्राट अशोक भवन में गुरुवार को जिला स्तरीय वासंतिक (रबी) प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला 2026 का आयोजन किया गया। अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष और महिला किसान दिवस के विशेष अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी नवीन कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य महिला किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर खेती को अधिक लाभकारी बनाना है।

5000 किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का लक्ष्य

कार्यशाला के दौरान जिलाधिकारी ने वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम के अंतर्गत चिह्नित गांवों के 5000 किसानों को पारंपरिक एवं प्राकृतिक खेती से जोड़ने का महत्वपूर्ण निर्देश दिया। उन्होंने इस अभियान में जनजातीय महिला किसानों को प्राथमिकता देने की बात कही।

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के लिए किसानों को निम्नलिखित तकनीकों का प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया:

  • जीवामृत का निर्माण और उपयोग
  • घनजीवामृत तैयार करना
  • बीजामृत का सही इस्तेमाल

नई फसलों और आधुनिक तकनीकों का संगम

जिलाधिकारी ने किसानों को कम भूमि में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए बहुस्तरीय खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने ड्रैगन फ्रूट, अनानास और चाय जैसी लाभकारी फसलों की खेती पर विशेष बल दिया। इसके साथ ही, कृषि क्षेत्र में आधुनिकता लाने के लिए कई महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी साझा की गई, जिनमें शामिल हैं:

  • मिट्टी की जांच और संतुलित उर्वरक का उपयोग
  • कृषि में ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल
  • जीरो टिलेज, सीड ड्रिल और जलवायु अनुकूल कृषि
  • मोटे अनाज, रबी मक्का, स्वीट कॉर्न और दलहन की वैज्ञानिक खेती

सरकारी योजनाएं और बीज वितरण

जिला कृषि पदाधिकारी ने जानकारी दी कि विभाग द्वारा स्वीट कॉर्न, बेबी कॉर्न, पॉपकॉर्न और दलहनी फसलों के बीज अनुदानित दर पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्राकृतिक खेती मिशन के तहत वर्ष 2026-27 के लिए तीन क्लस्टरों का चयन भी किया गया है।

इसके अतिरिक्त, परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत दिघलबैंक प्रखंड की पांच पंचायतों में 500 हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान प्रगतिशील महिला किसानों को सम्मानित किया गया और उन्हें किचन गार्डन किट के साथ सात प्रकार की सब्जियों के बीज और वर्मी कम्पोस्ट भी वितरित किए गए।

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