किशनगंज: महिला किसानों को आधुनिक खेती सिखाएगी सरकार, रबी कार्यशाला शुरू

Ghazala Saheb15 October 20262 min read0 viewsBihar
किशनगंज: महिला किसानों को आधुनिक खेती सिखाएगी सरकार, रबी कार्यशाला शुरू

किशनगंज के खगड़ा स्थित सम्राट अशोक भवन में गुरुवार को एक विशेष जिला स्तरीय 'वसंतिक' (रबी) प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी नवीन कुमार ने किया। यह कार्यशाला 'अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष 2026' और 'महिला किसान दिवस' के उपलक्ष्य में आयोजित की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य महिला किसानों को सशक्त बनाना और कृषि उत्पादन में वृद्धि करना है।

आधुनिक तकनीक और उन्नत खेती का प्रशिक्षण

कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों से रूबरू कराया। प्रशिक्षण में विशेष रूप से जीरो टिलेज (Zero Tillage) और सीड ड्रिल तकनीक के महत्व को समझाया गया। इसके साथ ही, जलवायु के अनुकूल खेती, मोटे अनाज की पैदावार और जैविक खेती के तरीकों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

किसानों को रबी सीजन की प्रमुख फसलों जैसे:

  • मक्का, पॉपकॉर्न, बेबी कॉर्न और स्वीट कॉर्न
  • विभिन्न प्रकार की दालें (दलहन)
  • प्याज की उन्नत खेती

के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। साथ ही, खेती में ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल, मिट्टी परीक्षण और संतुलित उर्वरक उपयोग पर भी जोर दिया गया ताकि लागत कम हो और मुनाफा बढ़े।

सरकारी योजनाओं से जुड़ने का मौका

प्रशासन ने किसानों को सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न लाभकारी योजनाओं के बारे में शिक्षित किया। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • बिहार राज्य फसल सहायता योजना
  • मुख्यमंत्री हरित कृषि योजना
  • हॉर्टिकल्चर क्लस्टर विकास योजना
  • ATMA और कृषि मशीनीकरण योजनाएं

जैविक खेती और जनजातीय महिलाओं पर फोकस

जिलाधिकारी नवीन कुमार ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का प्राथमिकता जनजातीय और सीमावर्ती क्षेत्रों की महिलाओं को सशक्त बनाना है। उन्होंने आय बढ़ाने के लिए बहु-स्तरीय खेती (Multi-layer farming) के साथ-साथ ड्रैगन फ्रूट, अनानास और चाय की खेती करने की सलाह दी।

जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत दिघलबंक ब्लॉक की पांच पंचायतों में 500 हेक्टेयर भूमि को लक्षित किया गया है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' के तहत चिन्हित गांवों के 5,000 किसानों, विशेषकर जनजातीय महिलाओं को जैविक पद्धतियों जैसे जीवामृत, धनजीवामृत और बीजमृत को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए, ताकि रासायनिक खादों पर निर्भरता कम हो सके।

बीज वितरण और सम्मान समारोह

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने 'वसंतिक (रबी) महाभियान 2026-27' नामक पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर प्रगतिशील महिला किसानों को सम्मानित किया गया और उन्हें किचन गार्डन के लिए विशेष बीज किट प्रदान किए गए। इसके अलावा, वाइब्रेंट विलेज क्षेत्र की महिला किसानों को सात प्रकार के सब्जियों के बीज और वर्मीकम्पोस्ट के पैकेट भी दिए गए ताकि वे अपने स्तर पर बहु-स्तरीय खेती शुरू कर सकें।

Share:

Comments

Leave a comment