कोशी स्नातक चुनाव: कटिहार में सुरक्षा का कड़ा पहरा, प्रशासन ने कसी कमर
कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण कराने के लिए कटिहार प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है।

कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के आगामी द्विवार्षिक चुनाव 2026 को लेकर कटिहार जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। चुनाव को भयमुक्त, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए गुरुवार को प्रशासनिक और पुलिस विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत रूपरेखा तैयार कर ली है।
जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में डीआरसीसी सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में चुनाव ड्यूटी में तैनात सभी सुपर जोनल, जोनल, सेक्टर दंडाधिकारियों, पीठासीन पदाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करने का सख्त निर्देश दिया गया।
मतदान केंद्रों पर मोबाइल फोन पर रहेगा प्रतिबंध
जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने दो टूक शब्दों में कहा कि मतदान की निष्पक्षता और विश्वसनीयता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सुरक्षा को लेकर कई कड़े नियम लागू किए हैं:
- मोबाइल फोन पर रोक: मतदान केंद्र के भीतर किसी भी व्यक्ति को मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
- अनाधिकृत प्रवेश वर्जित: निर्धारित सुरक्षा घेरे के भीतर बिना अनुमति किसी भी व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
- सटीक पहचान सत्यापन: मतदाताओं के पहचान पत्रों का गहन और सटीक सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
- विशेष पेन का उपयोग: मतदान प्रक्रिया में केवल वायलेट (बैंगनी) रंग के पेन का ही उपयोग किया जाएगा।
डीएम ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि मतदान प्रक्रिया समय पर शुरू हो और मतपत्रों व मतपेटिकाओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं। उन्होंने चुनावी सामग्री के वितरण के समय कर्मियों को चेकलिस्ट से अनिवार्य मिलान करने और अपनी जिम्मेदारियों को पूरी सजगता से निभाने के निर्देश दिए हैं।
असामाजिक तत्वों पर रहेगी पैनी नजर
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार ने स्पष्ट किया कि चुनाव ड्यूटी के दौरान लापरवाही या शिथिलता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ काम करने का निर्देश दिया।
"चुनाव के दौरान सुरक्षा में किसी भी स्तर पर चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाए ताकि आम मतदाता बिना किसी डर या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।"
प्रशासनिक अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस उच्चस्तरीय बैठक में जिले के तमाम महत्वपूर्ण अधिकारी मौजूद रहे। इनमें अपर समाहर्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) सहित जिले के विभिन्न प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी और पुलिस अधिकारी शामिल थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य चुनाव के दौरान शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक मजबूत तंत्र तैयार करना था।