कोसी स्नातक चुनाव में मतदान संपन्न: 14 जिलों में 58.45% वोट पड़े
कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 14 जिलों में 58.45% मतदान हुआ। 15 उम्मीदवारों की किस्मत अब 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना पर टिकी है।

कोसी स्नातक चुनाव मतदान की प्रक्रिया शुक्रवार को 14 जिलों में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई। इस द्विवार्षिक चुनाव में कुल 58.45 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। 15 उम्मीदवारों के बीच होने वाली इस चुनावी जंग में 1.34 लाख से अधिक स्नातक मतदाताओं की किस्मत अब मतपेटियों में बंद है।
सुबह धीमी रही रफ्तार, दोपहर में उमड़ी भारी भीड़
मतदान की प्रक्रिया सुबह 8:00 बजे शुरू हुई थी। शुरुआती घंटों में ठंड के कारण मतदाताओं की उपस्थिति थोड़ी कम रही, जिससे पहले दो घंटों में मतदान का प्रतिशत काफी धीमा रहा। दोपहर 2:00 बजे तक केवल करीब 35 प्रतिशत मतदान ही दर्ज किया गया था।
हालांकि, दोपहर के बाद मतदान के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिला। जैसे ही दोपहर ढली, कामकाजी वर्ग और युवाओं के निकलने से मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें लग गईं। अंतिम दो घंटों में वोटिंग की रफ्तार में जबरदस्त तेजी आई, जिससे कुल मतदान प्रतिशत बढ़कर 58.45% तक पहुंच गया।
कड़ी सुरक्षा और प्रशासन की मुस्तैदी
भागलपुर, पूर्णिया और खगड़िया समेत सभी 14 जिलों में चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे, जिसमें निम्नलिखित मुख्य बिंदु शामिल थे:
- धारा 144 का पालन: मतदान केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में धारा 144 लागू रखी गई, जिससे कहीं भी भीड़ या हंगामा न हो सके।
- मोबाइल पर सख्त पाबंदी: सभी बूथों पर मोबाइल ले जाने पर पूरी तरह रोक थी और इसके लिए बाहर ही मोबाइल जमा करने हेतु विशेष काउंटर बनाए गए थे।
- अधिकारियों का निरीक्षण: भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने विभिन्न बूथों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
अब किसकी होगी जीत?
शाम 4:00 बजे मतदान समाप्त होने के बाद, सभी जिलों से मतपेटियों को सील कर कड़ी सुरक्षा के बीच पूर्णिया स्थित आयुक्त कार्यालय के स्ट्रॉन्ग रूम में भेजा जा रहा है।
इस चुनाव में मुकाबला बेहद रोमांचक है। अब सबकी निगाहें 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। देखना दिलचस्प होगा कि क्या निवर्तमान एमएलसी डॉ. एनके यादव अपनी सीट बचा पाते हैं या विपक्षी गठबंधन के नितेश कुमार यादव बाजी मार ले जाते हैं।