KSRTC में डीजल की कमी बस अस्थायी, कोई योजना नहीं रुकी: परमेस्वर

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी परमेस्वर ने कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) में डीजल की कमी से जुड़ी चिंताओं पर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि बसों में डीजल की कमी एक अस्थायी समस्या है और सरकार की किसी भी महत्वपूर्ण योजना या गारंटी स्कीम को बंद नहीं किया गया है।
वित्तीय अनुशासन और गारंटी योजनाओं पर स्पष्टीकरण
कोप्पल जिले में मीडिया से बातचीत के दौरान उपमुख्यमंत्री ने राज्य के वित्तीय प्रबंधन का बचाव किया। उन्होंने कहा कि सरकार पिछले तीन वर्षों से सालाना 52,000 करोड़ रुपये का प्रावधान कर रही है और राज्य के वित्तीय तंत्र में पूरी तरह से अनुशासन है।
परमेस्वर ने कहा, "हमें सरकार चलाना आता है। अगर हमें कोई वास्तविक समस्या होती, तो हम कुछ गारंटी योजनाओं को रोक सकते थे, लेकिन हमने ऐसा नहीं किया है। हमारे वित्तीय तंत्र में अनुशासन है।"
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने 16 बार बजट पेश किया और वित्त विभाग में हमेशा अनुशासन बनाए रखा। उपमुख्यमंत्री के अनुसार, जबकि अन्य राज्य वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं, कर्नाटक अपने वित्त विभाग को कुशलतापूर्वक प्रबंधित कर रहा है।
जरूरत पड़ने पर कर्ज लेने को भी तैयार सरकार
डीजल की कमी से जुड़ी वित्तीय चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि 1,250 करोड़ रुपये का मुद्दा कोई बड़ा बोझ नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में वित्तीय प्रबंधन के लिए आवश्यकता पड़ी, तो सरकार कर्ज लेने से भी पीछे नहीं हटेगी।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, "अगर पैसों की कमी होती, तो क्या गारंटी योजनाएं जारी रहतीं?"
स्टिंग ऑपरेशन और मंत्रियों को दी गई चेतावनी
एक अन्य विषय पर बात करते हुए, परमेस्वर ने मंत्रियों के खिलाफ कथित स्टिंग ऑपरेशन के प्रयासों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा मंत्रियों को दी गई चेतावनी संभवतः खुफिया जानकारी पर आधारित हो सकती है।
उन्होंने संकेत दिया कि यह सरकार के खिलाफ कोई साजिश हो सकती है। उन्होंने कहा, "जब मुख्यमंत्री को खुफिया जानकारी मिली, तो उन्होंने जरूरत पड़ने वाले लोगों को चेतावनी दी है। हो सकता है कि कुछ स्टिंग एजेंसियां काम कर रही हों, इसलिए मंत्रियों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।"