अंकिता भंडारी केस: कुमारी सेलजा का हमला, CBI की सुस्ती पर उठाए सवाल

कांग्रेस सांसद और उत्तराखंड की प्रभारी कुमारी सेलजा ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर भाजपा सरकार और सीबीआई (CBI) पर तीखा हमला बोला है। सेलजा ने मामले में 'वीआईपी' की संलिप्तता के आरोपों और सीबीआई की कथित देरी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगी और कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।
वीआईपी की भूमिका और राज्यपाल की नियुक्ति पर बवाल
कुमारी सेलजा ने भाजपा सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस वीआईपी का नाम भाजपा के लोगों की बातचीत में सामने आया, उसी दुष्यंत गौतम को राज्यपाल नियुक्त कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से पूरे उत्तराखंड में भारी रोष है। सेलजा ने सीबीआई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा, "इतने दिनों से सीबीआई क्या कर रही थी? जब अंकिता के माता-पिता इंडिया गेट पर न्याय मांगने बैठे और राहुल गांधी उनके समर्थन में पहुंचे, तभी अचानक सीबीआई की सक्रियता क्यों दिखाई देने लगी?"
न्याय के लिए सड़कों पर उतरी कांग्रेस
कांग्रेस ने अंकिता भंडारी और राज्य की अन्य पीड़ित बेटियों के लिए न्याय की मांग को लेकर पूरे उत्तराखंड में कैंडल मार्च निकाला है। कुमारी सेलजा ने कहा, "हम लगातार जनता के बीच पहुँच रहे हैं और न्याय मिलने तक यह संघर्ष जारी रहेगा। कांग्रेस की लड़ाई सड़क से सदन तक जारी रहेगी।" इससे पहले एनएसयूआई (NSUI) के सदस्यों ने भी दिल्ली में कैंडल मार्च निकालकर इस मामले में न्याय की मांग की थी।
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
यह पूरा मामला सितंबर 2022 का है, जब ऋषिकेश के पास एक रिसॉर्ट में काम करने वाली अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। उसका शव चिल्ला नहर से बरामद हुआ था। इस मामले में रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्या (जो भाजपा नेता विनोद आर्या के पुत्र हैं), सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था। 30 मई 2025 को अदालत ने इन तीनों को हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
हालांकि, मामले में एक 'वीआईपी' की संलिप्तता का मुद्दा अब भी विवाद का केंद्र बना हुआ है। एसआईटी (SIT) जांच में रिसॉर्ट के एक कमरे के संबंध में एक वीआईपी का जिक्र आया था। अंकिता के माता-पिता लंबे समय से इस वीआईपी की पहचान उजागर करने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि प्रभावशाली लोगों को जांच में बचाया जा रहा है।