पंजाब में सियासी भूचाल: कुंवर विजय प्रताप सिंह ने विधानसभा से दिया इस्तीफा

अमृतसर नॉर्थ के विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पंजाब विधानसभा से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले से AAP के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं।

Ghazala Saheb2 November 20262 min read0 viewsBihar
पंजाब में सियासी भूचाल: कुंवर विजय प्रताप सिंह ने विधानसभा से दिया इस्तीफा

पंजाब की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। अमृतसर नॉर्थ से विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने सोमवार को पंजाब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। उनके इस कदम से आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर मची हलचल अब खुलकर सामने आ गई है।

गौरतलब है कि सिंह को 29 जून, 2025 को ही आम आदमी पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। अब उनके इस्तीफे के साथ ही पार्टी छोड़ने या निलंबित होने वाले विधायकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है, जो आगामी 2027 के चुनावों से पहले पार्टी के लिए चिंता का विषय बन सकता है।

"पंजाब फर्स्ट" और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई

कुंवर विजय प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अमृतसर के लोगों को संबोधित करते हुए एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने कहा, "मैं आपके प्यार और सम्मान के लिए अपनी आखिरी सांस तक ऋणी रहूंगा।"

सिंह ने वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पंजाब को "नशा, रंगदारी, गैंगस्टरवाद और भ्रष्टाचार" के जाल से मुक्त कराना होगा। उन्होंने राजनीति में केवल "रिबन काटने" वाली संस्कृति से ऊपर उठकर राज्य को फिर से प्रगतिशील बनाने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका एकमात्र उद्देश्य "पंजाब फर्स्ट" है और इसमें उनका कोई निजी स्वार्थ नहीं है।

विधायक के रूप में उपलब्धियों का दावा

अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए सिंह ने दावा किया कि उन्होंने एक विधायक के रूप में अपने 90 प्रतिशत लक्ष्यों को पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने राजनीति में "माई-बाप कल्चर" को खत्म करने का प्रयास किया और जनता को ही अपना प्रेरणा स्रोत माना।

उन्होंने विधानसभा में उठाए गए प्रमुख मुद्दों को भी याद किया, जिनमें शामिल हैं:

  • पानी और सीवरेज की समस्या
  • गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी और सरकारी मेडिकल कॉलेज के मुद्दे
  • बर्गारी बेअदबी का मामला
  • क्षेत्रीय स्तर के स्थानीय मुद्दे जैसे सर्किट हाउस और कंपनी बाग

AAP के लिए बढ़ता संकट

कुंवर विजय प्रताप सिंह का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब पार्टी पहले से ही आंतरिक विद्रोह का सामना कर रही है। इससे पहले दो अन्य विधायकों, हरमीत सिंह पठानमजरा और चेतन सिंह जोरामजरा को भी पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निलंबित किया गया था, जिसके बाद उन्होंने भी इस्तीफा दे दिया था।

आम आदमी पार्टी ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि वह विधानसभा अध्यक्ष को निलंबित विधायकों की सदस्यता रद्द करने के लिए याचिका देगी। 2022 के विधानसभा चुनावों में AAP ने 117 में से 92 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी, लेकिन अब विधायकों का यह बढ़ता पलायन पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।

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