राष्ट्रपति ने मंजूर किया एल मुरगन का इस्तीफा, अब तमिलनाडु में बढ़ाएंगे भाजपा की ताकत

नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरगन के इस्तीफे को तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत यह निर्णय लिया है।
राज्यसभा की सदस्यता से भी किया त्याग
डॉ. एल. मुरगन ने न केवल केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दिया है, बल्कि उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता से भी त्यागपत्र दे दिया है। वह वर्तमान में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
"मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर तमिलनाडु जाने की इच्छा व्यक्त की है। मैं वहां अपनी पार्टी को मजबूत करना चाहता हूं और 2029 के चुनावों के लिए जमीन तैयार करना चाहता हूं।"
2029 के चुनावों के लिए जमीनी तैयारी
एल मुरगन ने अपने इस्तीफे के पीछे का मुख्य उद्देश्य स्पष्ट करते हुए बताया कि वह अब तमिलनाडु में भाजपा के संगठन को जमीनी स्तर पर, विशेष रूप से गांव-गांव तक ले जाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा तमिल गौरव को वैश्विक स्तर पर पहुंचाया है और अब वे उसी ऊर्जा के साथ राज्य में पार्टी को सशक्त बनाने के लिए काम करेंगे।
मुरगन ने प्रधानमंत्री को लिखे अपने पत्र में सरकार के दौरान मिले कार्यकाल के लिए गहरा आभार व्यक्त किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य 2029 के लोकसभा चुनावों के मद्देनजर पूरी तरह से संगठनात्मक कार्यों में उतरना है।