अररिया में एलएडीसी ने गठन के तीन साल में 91.7 फीसदी आपराधिक मामलों का किया निष्पादन

अररिया में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की योजना के तहत लीगल एड डिफेंस काउंसिल (एलएडीसी) ने गठन के बाद से तीन साल में 91.7 फीसदी आपराधिक मामलों का निष्पादन किया है। अररिया में एलएडीसी 2 नवंबर 2023 को अस्तित्व में आई थी और इसके चीफ के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता विनय कुमार ठाकुर ने कार्यभार संभाला था।
मामलों का विवरण और आंकड़े
नवम्बर 2023 से जुलाई 2026 के आंकड़ों के अनुसार ट्रायल और बेल के कुल 928 मामलों में 851 मामलों का निष्पादन किया गया, जबकि 77 मामले पेंडिंग हैं। वर्ष 2023 में 36 मामलों में 28 का निष्पादन हुआ, वर्ष 2024 में 286 मामलों में 226 का निष्पादन हुआ, वर्ष 2025 में 409 मामलों में 333 का निष्पादन हुआ और जुलाई 2026 तक 341 मामलों में 264 का निष्पादन किया गया।
जमानत और रिमांड कार्य
तीन साल के दौरान जमानत के कुल 604 आवेदन में से 431 आवेदन मंजूर हुए और 153 आवेदन कोर्ट द्वारा रिजेक्ट किए गए, जिससे 71.3 फीसदी आवेदन मंजूर हुए। इस दौरान एलएडीसी द्वारा 5598 आपराधिक मामलों या अदालती प्रक्रियाओं के तहत रिमांड वर्क किया गया, जिसमें 43 आरोपितों को जमानत और 99 आरोपितों को निजी मुचलका पर रिलीज किया गया।
जेल विजिट और कानूनी जागरूकता
एलएडीसी के चीफ विनय कुमार ठाकुर ने बताया कि मंडल कारा में लीगल सर्विस क्लिनिक के माध्यम से तीन साल में 448 जेल विजिट किए गए। इसके तहत विचाराधीन बंदी मामलों में जमानत पर 297, कांडों से 40 बंदियों की रिहाई और 285 बंदियों का क्रॉस एग्जामिनेशन किया गया तथा समाज के शोषित और गरीबों को मुफ्त सशक्त कानूनी सहायता प्रदान की गई।