लखीसराय में टोटो चालकों की मनमानी: तय किराए से ज्यादा वसूली, यात्रियों से मारपीट!

लखीसराय जिले में आम यात्रियों के लिए सफर करना अब बड़ी मुसीबत बनता जा रहा है। ई-रिक्शा यानी टोटो चालकों द्वारा मनमाने ढंग से किराया वसूलने के कारण यात्रियों और चालकों के बीच आए दिन विवाद हो रहे हैं। आलम यह है कि मामूली किराए के लिए होने वाली बहस अब मारपीट और हिंसक झड़पों तक पहुंच रही है।
किराया चार्ट को ठेंगा दिखा रहे चालक
जिला प्रशासन और जिला परिवहन अधिकारी (DTO) मुकुल पंकज मणि द्वारा निर्धारित आधिकारिक दरों की टोटो चालक खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। आधिकारिक नियमों के अनुसार यात्रा के लिए दरें इस प्रकार तय की गई हैं:
- विद्यापीठ चौक से लखीसराय रेलवे स्टेशन: ₹7
- जमुई मोड़ से रेलवे स्टेशन: ₹7
- कम दूरी या बीच रास्ते के लिए: ₹5
लेकिन, धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल उलट है। चालक यात्रियों से एक सफर के लिए 10 रुपये तक वसूल रहे हैं। इस अवैध वसूली के कारण यात्रियों को न केवल अतिरिक्त पैसे देने पड़ रहे हैं, बल्कि उन्हें अक्सर अपमानित भी होना पड़ रहा है।
विवाद और मारपीट की बढ़ती घटनाएं
किराये को लेकर होने वाली नोकझोंक अब गंभीर रूप ले रही है। कई मामलों में यात्रियों और टोटो चालकों के बीच तीखी बहस के बाद शारीरिक लड़ाई तक हो चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की सख्ती के बावजूद चालकों के हौसले बुलंद हैं और वे यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं।
प्रशासन की चेतावनी के बावजूद नहीं सुधरे चालक
गौरतलब है कि परिवहन विभाग ने पहले ही सख्त निर्देश जारी किए थे। जुलाई 2026 में अधिकारियों ने पूरे राज्य में ई-रिक्शा चालकों को निर्देश दिया था कि वे अपने वाहनों पर निर्धारित किराया चार्ट प्रदर्शित करें और अवैध वसूली से बचें।
"नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें उनके वाहन का परमिट रद्द करना भी शामिल है।"
इसके बावजूद, सितंबर 2026 के अंत तक स्थिति में कोई सुधार नहीं देखा गया है। यात्री लगातार इस समस्या से परेशान हैं और प्रशासन से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग कर रहे हैं ताकि सफर सुरक्षित और किफायती हो सके।