किशनगंज के लखविंदर सिंह लक्खा को मिला 'सिंह इज किंग' सम्मान
बिहार के किशनगंज निवासी सरदार लखविंदर सिंह लक्खा को आसनसोल में प्रतिष्ठित 'सिंह इज किंग' सम्मान से नवाजा गया है। जानें क्यों मिला यह गौरव।

बिहार के किशनगंज जिले के लिए यह गौरव और गर्व का क्षण है। जिले के निवासी सरदार लखविंदर सिंह लक्खा को पश्चिम बंगाल के आसनसोल में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रतिष्ठित 'सिंह इज किंग' अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान उन्हें 14वें सिख शिक्षा एवं उत्कृष्टता पुरस्कार 2026 के तहत प्रदान किया गया। सिख वेलफेयर सोसाइटी एवं सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की संयुक्त पहल पर आयोजित इस विशेष समारोह में उनके द्वारा किए गए समाज सेवा के कार्यों को वैश्विक पहचान मिली है।
सिख समाज और सामाजिक सद्भाव में योगदान
सरदार लखविंदर सिंह लक्खा को यह पुरस्कार निम्नलिखित महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया है:
- सिख समाज की सेवा और उत्थान।
- धार्मिक परंपराओं का संरक्षण।
- अल्पसंख्यक अधिकारों की रक्षा।
- सामाजिक सद्भाव को मजबूत बनाना।
आयोजक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने इस अवसर पर कहा कि समाज के समग्र विकास और धार्मिक एकता को बनाए रखने के लिए समर्पित नेतृत्व की आवश्यकता होती है, और लखविंदर सिंह लक्खा ने अपने कार्यों से भाईचारे की भावना को सुदृढ़ किया है।
महत्वपूर्ण पदों पर निभा रहे हैं बड़ी जिम्मेदारियां
लखविंदर सिंह लक्खा वर्तमान में समाज और धर्म के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं, जो उनकी सक्रियता को दर्शाता है:
- बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग: उपाध्यक्ष।
- तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब: वरीय उपाध्यक्ष।
- गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी किशनगंज: अध्यक्ष।
सीमांचल में खुशी की लहर
आसनसोल में किशनगंज के इस लाल को सम्मानित किए जाने की खबर मिलते ही पूरे सीमांचल और बिहार के सिख समुदाय में उत्साह का माहौल है। विभिन्न सामाजिक संगठनों और गणमान्य लोगों ने इसे जिले की सामाजिक और धार्मिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा दिलाने वाली उपलब्धि बताया है।
समारोह के दौरान उन्हें अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके निरंतर सेवा कार्यों की सराहना की गई।