दरभंगा में पंडित पलुस्कर और उस्ताद बिस्मिल्लाह खां को किया गया याद, संगीत के योगदान पर हुई चर्चा

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय संगीत एवं नाट्य विभाग, ललित कला संकाय, कामेश्वरनगर में शुक्रवार को संगीत मर्मज्ञ पंडित विष्णु दिगम्बर पलुस्कर एवं भारतरत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की पुण्यतिथि पर व्याख्यान आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय, प्रयागराज के संगीत विभागाध्यक्ष प्रो. पं. प्रेम कुमार मल्लिक ने दोनों महान संगीतज्ञों के योगदान को रेखांकित किया।
संगीत में निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान
उन्होंने विद्यार्थियों से संगीत के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने के लिए इच्छाशक्ति, साधना और तत्परता बनाए रखने का आह्वान किया। साथ ही गायन के गूढ़ तत्वों को सरल तरीके से समझाया। पं. पलुस्कर के योगदान पर उन्होंने कहा कि उन्होंने संगीत को गुरुकुल परंपरा से निकालकर संस्थागत स्वरूप प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संगीत शिक्षा को परिमार्जित करने पर चर्चा
सहायक प्राध्यापक डॉ. पुष्कर कुमार झा ने कहा कि पं. पलुस्कर ने संगीत शिक्षा को परिमार्जित करने के साथ स्वरलिपि पद्धति तथा बंदिशों में भक्तिपरक शब्दावली को विशेष महत्व दिया। इससे पूर्व अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विद्वानों के चित्र पर माल्यार्पण के बाद छात्र-छात्राओं ने कुलगीत प्रस्तुत किया।