लालमुनी चौबे का जीवन राष्ट्र और समाज को पूरी तरह समर्पित था: अवधेश नारायण सिंह

पटना में लाल मुनी चौबे की 84वीं जयंती पर आयोजित परिचर्चा में बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि स्वर्गीय लाल मुनी चौबे व्यक्ति नहीं विचार थे। बेमिसाल सादगी, ईमानदारी और विचार के प्रतिमूर्ति लाल मुनी चौबे का पूरा जीवन राष्ट्र और समाज को समर्पित रहा है। आज के दौर में उनके जैसा होना इतना आसान नहीं है। यह बातें बिहार विधान परिषद के सभागार में लाल मुनी चौबे स्मृति न्यास कुरुथियाँ बक्सर के तत्वावधान में बुधवार को लाल मुनी चौबे की 84वीं जयंती पर आयोजित परिचर्चा को संबोधित करते हुए कहीं गईं।
राजनीतिक जीवन और योगदान
सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि लाल मुनी चौबे बक्सर से लगातार चार बार सांसद रहे और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री रहे। भारतीय जनता पार्टी यानी बीजेपी के संस्थापक सदस्यों में से एक लाल मुनी चौबे का सानिध्य उन्हें मिला। उन्होंने कहा कि वह सौभाग्यशाली हैं जो उन्हें उनके साथ काम करने का अवसर मिला और उन्होंने अपने जीवन में बहुत कुछ उनसे सीखा है जिसे उन्होंने अमल भी किया।
नेताओं के विचार
बिहार सरकार के मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने कहा कि लालमुनी चौबे बाबा जैसे लोग बिरल ही पैदा होते हैं। चौबे बाबा की ईमानदारी के सब कायल थे और वह दलगत घेरे से बाहर के राजनेता थे। हर पार्टी में उनको चाहने वाले हुआ करते थे। उनके व्यक्तित्व की जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम है। वो मरकर भी हम लोगों के बीच प्रकाश पुंज की तरह अजय अमर हैं। उनके द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्य से आज के राजनेताओं को सीख लेने की जरूरत है। विशिष्ट अतिथि के रूप में बिहार विधान परिषद के उप-सभापति डॉ. राम बचन राय, आरजेडी के वरीय नेता एवं पूर्व मंत्री डॉ. अब्दुल बारी सिद्दीकी, विधान पार्षद जीवन कुमार, बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष पाठक, चिकित्सा प्रकोष्ठ के सह-संयोजक डॉ. सत्य प्रकाश तिवारी ने भी लालमुनी चौबे के प्रति अपने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर मुख्य रूप से लालमुनी चौबे के बड़े सुपुत्र हेमंत चौबे, बीजेपी के पूर्व प्रदेश मंत्री पूनम रविदास, राजवंश सिंह, भोला सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।