IRCTC केस: लालू यादव की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट सख्त, ED से मांगा जवाब
IRCTC होटल टेंडर मामले में लालू प्रसाद यादव की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने ED को नोटिस जारी किया है। जानें क्या है पूरा मामला और कोर्ट का फैसला।

दिल्ली हाई कोर्ट ने IRCTC होटल टेंडर मामले में पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव द्वारा दायर एक याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) को नोटिस जारी किया है। अदालत ने इस मामले में ED से जवाब मांगा है, जिससे इस चर्चित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक नया कानूनी मोड़ आ गया है।
क्या है पूरा मामला?
लालू प्रसाद यादव ने राउज एवेन्यू कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय किए गए थे। यह मामला 2004 से 2009 के बीच उनके रेल मंत्री रहने के दौरान IRCTC द्वारा जारी किए गए होटल टेंडरों में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले में अगली सुनवाई 3 दिसंबर, 2026 के लिए निर्धारित की है।
लालू यादव ने कोर्ट में क्या तर्क दिए?
आरजेडी (RJD) सुप्रीमो ने अपनी याचिका में तर्क दिया है कि निचली अदालत का फैसला कानून की दृष्टि में पूरी तरह से गलत और अस्थिर है। उन्होंने अपनी दलील में मुख्य रूप से दो बातें कहीं:
- वह अपराध की कथित कमाई (proceeds of crime) से जुड़ी किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं थे।
- उन्हें पूछताछ के लिए कभी भी ED द्वारा नहीं बुलाया गया।
इन दिग्गजों पर भी है जांच की आंच
विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने इस मामले में कुल नौ व्यक्तियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। इस सूची में लालू यादव के परिवार के सदस्य भी शामिल हैं, जिनमें शामिल हैं:
- राबड़ी देवी
- तेजस्वी यादव
- पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रेम चंद गुप्ता
- सरला गुप्ता
इसके अलावा, लारा प्रोजेक्ट्स LLP और सुजाता होटल प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है। न्यायाधीश गोगने ने अपने पूर्व आदेश में कहा था कि रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों से पद के दुरुपयोग का 'कड़ा संदेह' पैदा होता है और यह जांच किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है।
हाई कोर्ट का ताजा आदेश और अगली सुनवाई
दिल्ली हाई कोर्ट ने सुजाता होटल प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है। हालांकि, लालू प्रसाद यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ ट्रायल राउज एवेन्यू कोर्ट में जारी रहेगा, जिसकी अगली सुनवाई 30 अक्टूबर, 2026 को होनी तय है। इस बीच, हाई कोर्ट ने लालू यादव को अंतरिम राहत के रूप में ट्रायल कोर्ट से स्थगन (adjournment) मांगने की स्वतंत्रता भी दी है।