दिवाली पर मिला हक: भूमिहीनों को मिली 5 डिसमिल जमीन, विधायक ने सौंपा पर्चा

पश्चिम चम्पारण के वाल्मीकिनगर में भूमिहीन परिवारों को 5 डिसमिल जमीन का मालिकाना हक मिला। विधायक ने लाभार्थियों को पर्चा सौंपा।

Ghazala Saheb6 November 20262 min read0 viewsBihar
दिवाली पर मिला हक: भूमिहीनों को मिली 5 डिसमिल जमीन, विधायक ने सौंपा पर्चा

पश्चिम चम्पारण के वाल्मीकिनगर विधानसभा क्षेत्र में इस बार दिवाली का त्योहार भूमिहीन परिवारों के लिए खुशियों की नई सौगात लेकर आया है। इस विशेष अवसर पर कई परिवारों के जीवन में स्थिरता आई है, क्योंकि उन्हें भूमिहीन परिवारों को जमीन का मालिकाना हक मिल गया है।

विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने स्वयं लाभार्थियों के बीच पहुंचकर उन्हें पांच-पांच डिसमिल जमीन का मालिकाना हक यानी जमीन का पर्चा सौंपा। इस दौरान विधायक ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े जरूरतमंदों तक समय पर पहुंचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भूमिहीनों को जमीन का अधिकार दिलाना केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं है, बल्कि यह उनके सामाजिक सम्मान और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा एक अत्यंत संवेदनशील विषय है।

अग्निकांड पीड़ितों के पुनर्वास की भी तैयारी

जमीन वितरण के इस कार्यक्रम के साथ ही विधायक ने रामनगर विधानसभा क्षेत्र के उन परिवारों के लिए भी बड़ी राहत की पहल की है, जिन्होंने एक भीषण अग्निकांड में अपना सब कुछ खो दिया था। जानकारी के अनुसार, 25 महादलित परिवार ऐसे हैं जिनके घर आग की लपटों में जलकर राख हो गए थे।

विधायक ने इन पीड़ितों के पुनर्वास के मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए बगहा की एसडीएम चांदनी कुमारी से विस्तृत बातचीत की। उन्होंने मांग की कि इन परिवारों को जल्द से जल्द जमीन उपलब्ध कराई जाए ताकि वे फिर से अपना जीवन शुरू कर सकें।

एक महीने के भीतर मिलेगा जमीन का अधिकार

एसडीएम चांदनी कुमारी ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन इन परिवारों की स्थिति को समझते हुए जल्द कदम उठाएगा। एसडीएम के आश्वासन के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • अगले एक महीने के भीतर सभी 25 प्रभावित परिवारों को जमीन आवंटित कर दी जाएगी।
  • जमीन मिलने की प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी पीड़ित परिवार को उनके वर्तमान आश्रय स्थल से विस्थापित नहीं किया जाएगा।

प्रशासन के इस सकारात्मक रुख और विधायक की इस पहल से अग्निपीड़ित परिवारों के बीच अब एक स्थायी आवास और सुरक्षित भविष्य की नई उम्मीद जगी है।

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