कढ़ी में मिली छिपकली: सुपौल छात्रावास की छात्राएं बीमार, एक की हालत गंभीर

बिहार के सुपौल जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और चिंताजनक खबर सामने आई है। यहाँ के कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास (टाइप-4) में छात्राओं को परोसे गए भोजन में छिपकली मिलने की घटना हुई है। इस घटना के बाद छात्रावास की कई छात्राएं अचानक बीमार पड़ गईं, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
भोजन करते समय हुआ हादसा, छात्राओं ने की शिकायत
जानकारी के मुताबिक, यह घटना शुक्रवार दोपहर की है जब छात्रावास की छात्राएं नियमित रूप से अपना भोजन कर रही थीं। इसी दौरान छात्राओं ने देखा कि जो कढ़ी उन्हें परोसी गई है, उसमें एक छिपकली मौजूद है। भोजन में इस तरह की गंदगी देखकर छात्राएं घबरा गईं और इसके कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।
बीमार पड़ी छात्राओं ने निम्नलिखित समस्याओं की शिकायत की:
- लगातार उल्टियां होना
- पेट में तेज दर्द
- चक्कर आना
- दस्त जैसी समस्याएं
एक छात्रा की हालत नाजुक, सदर अस्पताल रेफर
घटना की गंभीरता को देखते हुए विद्यालय प्रबंधन ने तुरंत कदम उठाया और बीमार छात्राओं को इलाज के लिए प्रतापगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। सीएचसी के चिकित्सक डॉ. नूर आलम ने बताया कि छात्राओं को इलाज के लिए लाया गया था, लेकिन आरती कुमारी नामक छात्रा की स्थिति काफी ज्यादा बिगड़ गई थी।
डॉक्टरों के अनुसार, आरती की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए सदर अस्पताल, सुपौल रेफर कर दिया गया है। वहीं, अन्य चार छात्राओं का उपचार फिलहाल सीएचसी में ही चल रहा है और सभी की चिकित्सकीय निगरानी की जा रही है।
प्रशासन सख्त: जिलाधिकारी ने दिए जांच के आदेश
छात्रावास में भोजन की गुणवत्ता को लेकर उठे इस बड़े सवाल पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। सुपौल के जिलाधिकारी सावन कुमार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं।
"मामले की जांच के लिए डीईओ को निर्देश दे दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि लापरवाही किस स्तर पर हुई और इसके आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।" — जिलाधिकारी सावन कुमार
इस घटना ने छात्रावास में मिलने वाले खाने की सुरक्षा और स्वच्छता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजरें प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं कि आखिर भोजन में छिपकली कैसे पहुंची और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।