LPU हिंसा पर बवाल: बिट्टू का आरोप, अमित शाह की रैली रोकने की AAP की साजिश

पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हुए हालिया विरोध प्रदर्शनों और हिंसा ने अब एक बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है। भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इस पूरे घटनाक्रम को आम आदमी पार्टी (AAP) की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। बिट्टू का दावा है कि इस अशांति के पीछे का असली मकसद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की आगामी रैली में बाधा डालना है।
अमित शाह की रैली को निशाना बनाने का आरोप
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी बात रखते हुए बिट्टू ने आरोप लगाया कि LPU में हुई उथल-पुथल का उद्देश्य 30 सितंबर को जालंधर में आयोजित होने वाली अमित शाह की विशाल रैली से ध्यान भटकाना है। उन्होंने कहा, "AAP इस बात से घबराई हुई है कि पंजाब के लोग भाजपा की एंटी-ड्रग यात्रा को कितना समर्थन दे रहे हैं।" बिट्टू के अनुसार, इस कथित साजिश के जरिए दिल्ली के नेताओं को आवंटित बंगलों और गायत्री बिश्नोई विवाद जैसे राजनीतिक मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है।
नेताओं पर सीधे हमले और पुलिस की भूमिका पर सवाल
भाजपा नेता ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया का नाम लिया। उन्होंने दावा किया कि इन नेताओं ने ही LPU कैंपस में शरारती तत्वों को भेजा ताकि वे अपना राजनीतिक हिसाब चुकता कर सकें। बिट्टू ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और कहा कि:
- पुलिस ने शुरुआत में बहुत ढीला रुख अपनाया।
- पुलिस की ढिलाई के कारण उपद्रवियों को आगजनी और तोड़फोड़ करने का मौका मिला।
- इस हिंसा में पुलिसकर्मी और छात्र दोनों ही घायल हुए हैं।
यूनिवर्सिटी में सन्नाटा और प्रशासन की कार्रवाई
दूसरी ओर, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। उन्होंने डीजीपी गौरव यादव को मौके पर जाकर स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल, LPU कैंपस में स्थिति शांत बनी हुई है।
छात्रों और परीक्षाओं पर प्रभाव
हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं:
- कक्षाएं स्थगित: LPU ने 28 सितंबर से अगले 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित कर दी हैं।
- परीक्षाओं में देरी: मिड-टर्म परीक्षाओं को भी अगले आदेश तक के लिए टाल दिया गया है।
- छात्रों को सलाह: विश्वविद्यालय ने छात्रों से शांति बनाए रखने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की अपील की है।
पुलिस प्रशासन ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है। हालांकि, कथित बलात्कार की घटना की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। फिलहाल कैंपस के सभी गेटों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।