उत्तराखंड के युवाओं की चमकेगी किस्मत! स्किल ट्रेनिंग के लिए सरकार और M3M फाउंडेशन ने मिलाया हाथ

उत्तराखंड के युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करने और उन्हें आधुनिक उद्योगों की जरूरतों के लिए तैयार करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। देहरादून में मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को उत्तराखंड कौशल विकास एवं रोजगार विभाग और M3M फाउंडेशन के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य राज्य के युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना और उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाना है।
इस समझौते पर विभाग की ओर से प्रशिक्षण निदेशक श्री संजय कुमार और M3M फाउंडेशन की ओर से प्रबंध ट्रस्टी एवं अध्यक्ष डॉ. ऐश्वर्या महाजन ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर श्रीमती चंद्रकांता, श्री निरंजन खुगशाल, श्री दिनकर रावत, श्रीमती विनीता बडोनी और श्री अरविंद कुमार शर्मा सहित विभाग के कई अन्य अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे।
रोजगार और कौशल विकास पर विशेष जोर
इस समझौते के माध्यम से उत्तराखंड में एक ऐसा सहयोगात्मक कौशल विकास ढांचा तैयार किया जाएगा, जो केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहेगा। इस पहल के मुख्य लक्ष्य निम्नलिखित हैं:
- उद्योगों के अनुरूप प्रशिक्षण: युवाओं को उन तकनीकी कौशलों में प्रशिक्षित किया जाएगा जिनकी वर्तमान और भविष्य में उद्योगों को सबसे ज्यादा जरूरत है।
- रोजगार और स्वरोजगार: प्रशिक्षण को स्थानीय रोजगार की मांग से जोड़ा जाएगा ताकि युवाओं को नौकरी पाने या अपना काम शुरू करने में आसानी हो।
- गुणवत्ता और प्लेसमेंट: प्रशिक्षण की गुणवत्ता के साथ-साथ प्लेसमेंट सहायता और स्थायी आजीविका सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इन शहरों में शुरू होगा प्रशिक्षण का दौर
प्रशिक्षण केंद्रों के संचालन के लिए शुरुआती चरण में कुछ प्रमुख शहरों को चुना गया है। योजना के अनुसार, प्रशिक्षण केंद्रों का संचालन निम्नलिखित स्थानों पर किया जाएगा:
- देहरादून
- हल्द्वानी
- काशीपुर
- पिथौरागढ़
इसके अतिरिक्त, भौगोलिक परिस्थितियों और लाभार्थियों की उपलब्धता को देखते हुए अल्मोड़ा और बरकोट को भी भविष्य में प्रशिक्षण केंद्रों के रूप में शामिल किया जा सकता है। प्रत्येक केंद्र पर स्थानीय मांग और रोजगार के अवसरों को देखते हुए कम से कम दो कोर्स चलाए जाएंगे।
भविष्य की तकनीक: EV और IoT जैसे आधुनिक कोर्स
बदलते औद्योगिक परिदृश्य को देखते हुए, इस कार्यक्रम में पारंपरिक ट्रेडों के साथ-साथ आधुनिक और तकनीकी ट्रेडों को शामिल किया गया है। प्रशिक्षण के लिए प्रस्तावित प्रमुख कोर्स इस प्रकार हैं:
- जूनियर टेक्नीशियन – इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV)
- जूनियर टेक्नीशियन – ऑटो इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस
- जूनियर टेक्नीशियन – ऑटोमोबाइल रिपेयर एंड मेंटेनेंस
- जूनियर टेक्नीशियन – इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT)
- जूनियर टेक्नीशियन – प्लंबिंग
साझेदारी का महत्व: क्या कहती है M3M फाउंडेशन?
इस महत्वपूर्ण अवसर पर M3M फाउंडेशन की चेयरपर्सन और ट्रस्टी, डॉ. पायल कानौदिया ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड के युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुसार कौशल प्रदान करना इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य है।
"M3M फाउंडेशन और उत्तराखंड कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के बीच यह सहयोग राज्य में कौशल विकास को अधिक उद्योग-केंद्रित, रोजगार-उन्मुख और परिणाम-आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस साझेदारी के माध्यम से हम युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, बेहतर रोजगार के अवसर और स्थायी आजीविका के रास्ते मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे।"
यह साझेदारी सरकारी प्रयासों और सामाजिक क्षेत्र की भागीदारी को एक साथ लाएगी, जिससे उत्तराखंड के युवाओं के लिए प्रशिक्षण, रोजगार और आजीविका के अवसर अधिक प्रभावी और सुलभ हो सकेंगे।