किशनगंज: महाकाल मंदिर में मां चंद्रघंटा की भव्य पूजा, उमड़ा जनसैलाब

Prakriti Singh13 October 20262 min read0 viewsDharm
किशनगंज: महाकाल मंदिर में मां चंद्रघंटा की भव्य पूजा, उमड़ा जनसैलाब

किशनगंज के रुईधासा स्थित महाकाल मंदिर में शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन भक्ति का अद्भुत सैलाब देखने को मिला। मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप, मां चंद्रघंटा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठा। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं के दर्शन करने का सिलसिला अनवरत जारी रहा।

साहस और शक्ति की देवी हैं मां चंद्रघंटा

मंदिर के पुरोहित गुरु साकेत के सानिध्य में सभी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। पूजा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए गुरु साकेत ने बताया कि हिंदू धर्म में नवरात्र के नौ दिनों का विशेष आध्यात्मिक महत्व है, जिसमें मां के विभिन्न स्वरूपों की आराधना की जाती है।

उन्होंने कहा, "मां चंद्रघंटा को साहस, शौर्य और शक्ति की देवी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उनकी उपासना करने से भक्तों के मन से भय का नाश होता है और कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए आत्मबल एवं आत्मविश्वास प्राप्त होता है।"

दिव्य स्वरूप और पूजा की विशेष विधि

मां चंद्रघंटा के तेजस्वी स्वरूप का वर्णन करते हुए पुरोहित ने बताया कि उनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है, जिसके कारण उन्हें यह नाम मिला है। उनके हाथों में मौजूद अस्त्र-शस्त्र भक्तों को निर्भय होकर जीवन की चुनौतियों से लड़ने की प्रेरणा देते हैं।

पूजा के दौरान कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना अत्यंत शुभ माना जाता है:

  • प्रिय भोग: मां को सफेद रंग की मिठाइयां, खीर और चमेली के फूल अर्पित करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
  • विशेष मंत्र: पूजा के समय 'ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः' मंत्र का जाप करने से मन को शांति और एकाग्रता मिलती है।
  • शुभ रंग: नवरात्र के तीसरे दिन लाल रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना गया है।

महाकाल मंदिर में विशेष उत्साह

रुईधासा के इस महाकाल मंदिर की विशेषता यह है कि यहाँ मां दुर्गा की पूजा के साथ-साथ महाकाल बाबा की भी नियमित आराधना की जाती है। यही कारण है कि किशनगंज के साथ-साथ आसपास के अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहाँ दर्शन के लिए पहुँचते हैं।

शाम के समय मंदिर में होने वाली भव्य आरती में भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं और माता से सुख, शांति एवं समृद्धि की मंगल कामना करते हैं। नवरात्र के इस पावन अवसर पर पूरे मंदिर परिसर में धार्मिक उत्साह का माहौल बना हुआ है।

Share:

Comments

Leave a comment