कम लागत, ज्यादा मुनाफा: कटिहार में मड़ुआ की फसल का हुआ वैज्ञानिक परीक्षण

कटिहार के बखरी में मड़ुआ फसल का वैज्ञानिक कटनी प्रयोग हुआ। कम लागत और अधिक पोषण वाली यह फसल किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित होगी।

Ghazala Saheb1 November 20262 min read0 viewsBihar
कम लागत, ज्यादा मुनाफा: कटिहार में मड़ुआ की फसल का हुआ वैज्ञानिक परीक्षण

कटिहार जिले के बखरी स्थित राजकीय बीज गुणन प्रक्षेत्र में रविवार को मड़ुआ (रागी/फिंगर मिलेट) की फसल का कटनी प्रयोग किया गया। कृषि उत्पादकता का वैज्ञानिक आकलन करने और किसानों को पौष्टिक वैकल्पिक फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह प्रयोग आयोजित किया गया था।

वैज्ञानिक पद्धति से हुआ उपज का सटीक मूल्यांकन

जिला कृषि पदाधिकारी (डीएओ) राजीव कुमार की उपस्थिति में कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों ने निर्धारित वैज्ञानिक पद्धति के तहत इस प्रयोग को संपन्न कराया। प्रयोग के दौरान वास्तविक उपज का सटीक मूल्यांकन करने के लिए 10 मीटर गुणा 5 मीटर (कुल 50 वर्गमीटर) का क्रॉप कटिंग क्षेत्र चिन्हित किया गया था।

इस प्रयोग का मुख्य लक्ष्य प्रति इकाई क्षेत्रफल से प्राप्त होने वाले वास्तविक उत्पादन के आंकड़े एकत्र करना है, ताकि कृषि सांख्यिकी को मजबूत किया जा सके और भविष्य में होने वाले उत्पादन का सटीक अनुमान लगाया जा सके।

बदलते मौसम में मड़ुआ है किसानों का मजबूत आधार

मौके पर मौजूद जिला कृषि पदाधिकारी राजीव कुमार ने कहा कि मड़ुआ केवल एक पारंपरिक खाद्यान्न नहीं है, बल्कि यह भविष्य की पोषण सुरक्षा और टिकाऊ कृषि का एक मजबूत आधार है। उन्होंने बताया कि बदलते मौसम चक्र और घटते जल संसाधनों के बीच यह फसल किसानों के लिए बेहद अनुकूल है।

  • कम पानी की आवश्यकता: यह फसल बहुत कम पानी में तैयार हो जाती है।
  • सूखा प्रतिरोधी: मड़ुआ में सूखे की स्थिति को झेलने की जबरदस्त क्षमता होती है।
  • न्यूनतम लागत: अन्य फसलों की तुलना में इसे उगाने में खर्च काफी कम आता है।

सेहत और कमाई का बेहतरीन संगम

पोषण के लिहाज से मड़ुआ एक सुपरफूड की तरह है। इसमें कैल्शियम, आयरन और प्रचुर मात्रा में डाइटरी फाइबर पाया जाता है। इसके अलावा, यह प्राकृतिक रूप से ग्लूटेन मुक्त है, जो इसे मधुमेह (डायबिटीज) के रोगियों के लिए भी अत्यंत लाभकारी बनाता है।

आर्थिक दृष्टि से भी मड़ुआ किसानों के लिए मुनाफे का सौदा साबित हो सकता है। किसान मड़ुआ से केवल आटा ही नहीं, बल्कि कई अन्य मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं, जैसे:

  • सत्तू और दलिया
  • बिस्कुट और लड्डू
  • मड़ुआ का हलवा

किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह

डीएओ ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे फसल विविधीकरण को अपनाएं और अपने फसल चक्र में मड़ुआ सहित अन्य मोटे अनाजों (मिलेट्स) को प्राथमिकता दें। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि किसान प्रमाणित बीज का उपयोग करें, समय पर बुवाई करें और संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाएं, तो वे कम लागत में बहुत बेहतर आय अर्जित कर सकते हैं।

इस अवसर पर उप निदेशक कृषि अभियंत्रण, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी कटिहार, प्रखंड कृषि पदाधिकारी (प्रक्षेत्र), प्रखंड कृषि पदाधिकारी (बीज विश्लेषण) एवं प्रखंड कृषि पदाधिकारी समेली सहित अन्य कृषि कर्मी उपस्थित थे।

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