महाअष्टमी पर अररिया में उमड़ा आस्था का सैलाब, सुहागिनों ने भरा खोईछा

अररिया जिले में शारदीय नवरात्र के आठवें दिन यानी महाअष्टमी के अवसर पर भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। शक्ति की देवी मां दुर्गा के आठवें स्वरूप, मां महागौरी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान जिले के विभिन्न दुर्गा मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
सुहाग की रक्षा के लिए महिलाओं ने किया विशेष अनुष्ठान
महाअष्टमी की पूजा के साथ ही एक विशेष परंपरा का भी आयोजन हुआ। दोपहर के बाद सुहागिन महिलाओं ने अपने सुहाग की रक्षा और लंबी आयु की कामना के लिए मां अम्बे के समक्ष खोईछा भरा। मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा, जिसमें महिलाएं, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग सभी मां की भक्ति में लीन नजर आए।
ढाक की थाप और जयकारों से गूंजे मंदिर
पूजा पंडालों में उत्सव का माहौल देखते ही बन रहा था। ढाक की थाप और 'जय माता दी' के गगनभेदी जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। महाअष्टमी की पूजा के साथ ही दुर्गा मंदिरों के परिसर में मेलों का भी शुभारंभ हो गया, जिससे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया। कई श्रद्धालु अपनी मन्नतें पूरी होने की खुशी में घरों से मंदिर दंड लेकर पूजा पंडाल पहुंचे।
इन प्रमुख मंदिरों में रही विशेष रौनक
अररिया के विभिन्न क्षेत्रों में पूजा का उत्साह चरम पर था। विशेष रूप से निम्नलिखित स्थानों पर भक्तों की भारी भीड़ देखी गई:
- फारबिसगंज का छुआपट्टी और गोदना ठाकुरबाड़ी
- गोढ़ियारे चौक दुर्गा मंदिर और बंगाली टोला स्थित काली मंदिर
- बड़ा शिवालय और हाई स्कूल रोड स्थित दुर्गा मंदिर
- खोखा बाबू गोला और रेलवे कालोनी स्थित दुर्गा मंदिर
- मां अम्बे अर्चना मंदिर और सुल्तान पोखर स्थित मां भगवती वैष्णो देवी मंदिर
- चौरा परवाहा मंदिर
शाम होते ही मंदिरों में दीप प्रज्ज्वलित करने के लिए महिलाओं और युवतियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। संध्या आरती के दौरान गांव के पुरुष और महिलाएं सभी मां के दरबार में नतमस्तक हुए और आशीर्वाद प्राप्त किया।