किसानों से जबरन वसूली रोकने के लिए RBI से बात, दिवाली पर मिलेगी ₹5000 की राहत
महाराष्ट्र सरकार ने किसानों से जबरन कर्ज वसूली रोकने के लिए RBI से बात की है। दिवाली पर किसानों को ₹5,000 की राहत और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी।

महाराष्ट्र में किसानों को माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के उत्पीड़न से बचाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की है कि सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से इस संबंध में बात की है ताकि माइक्रोफाइनेंस कंपनियों द्वारा किसानों से कर्ज की जबरन वसूली को तुरंत रोका जा सके।
नांदेड़ की घटना के बाद सरकार सख्त
यह कदम महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में हुई एक दुखद घटना के बाद उठाया गया है। वहां एक 40 वर्षीय किसान का शव एक निजी फाइनेंस कंपनी के कार्यालय में पाया गया था। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि कर्ज की वसूली के लिए रिकवरी एजेंटों ने किसान का अपहरण किया था। नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक नीलाभ रोहन ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
दिवाली पर किसानों को मिलेगी बड़ी राहत
सूखे की स्थिति को देखते हुए सरकार ने किसानों के लिए राहत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि:
- किसानों की राहत के लिए लगभग ₹1.5 लाख करोड़ का फंड मंजूर किया गया है।
- दिवाली के अवसर पर प्रत्येक किसान को ₹5,000 की तत्काल राहत राशि दी जाएगी।
- यह राशि अगले दो दिनों के भीतर सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचना शुरू हो जाएगी।
सूखे से निपटने के लिए 12 तरह के लाभ
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि सरकार केवल वित्तीय सहायता ही नहीं, बल्कि अन्य सुविधाएं भी प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि सूखा घोषित होने के बाद मिलने वाले 12 प्रकार के लाभ किसानों को दिए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:
- फीस माफी
- पानी की व्यवस्था
- ऋण पुनर्गठन (Loan Reorganisation)
- कर्ज वसूली में ढील
शिंदे ने आगे कहा कि तत्काल सहायता के लिए ₹7,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसानों की दिवाली अंधेरे में न डूबे।
"हमारी सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। देवेंद्र फडणवीस सरकार ने किसानों के लिए ₹5,000 तक की सहायता मंजूर की है, जो दिवाली से पहले उन्हें मिल जाएगी।" - नितेश राणे, मंत्री