सिंहवाड़ा में अवैध अस्पताल और क्लीनिकों पर बड़ी कार्रवाई!

Ghazala Saheb21 October 20262 min read0 viewsBihar
सिंहवाड़ा में अवैध अस्पताल और क्लीनिकों पर बड़ी कार्रवाई!

दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा में अवैध अस्पताल और क्लीनिकों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। सोमवार को सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम ने इलाके के विभिन्न अस्पतालों, निजी क्लीनिकों और जांच केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस छापेमारी से स्वास्थ्य क्षेत्र में अवैध रूप से काम कर रहे लोगों में हड़कंप मच गया।

जांच टीम के पहुंचते ही भागे डॉक्टर और कर्मचारी

निरीक्षण के दौरान एक हैरान करने वाला नजारा देखने को मिला। जैसे ही जांच टीम को सिंहवाड़ा में छापेमारी की सूचना मिली, कई अस्पतालों के चिकित्सक और कर्मचारी मौके से गायब हो गए। टीम ने पाया कि अधिकांश निजी क्लीनिक और जांच केंद्र बंद मिले। इसके अलावा, बिना किसी पंजीकरण के चल रहे कई जांच केंद्रों पर ताले लटके हुए थे, जो अवैध संचालन की ओर इशारा कर रहे थे।

गंगाराम अस्पताल में नहीं मिले डॉक्टर, संचालन बंद करने के निर्देश

सिविल सर्जन ने जब गंगाराम अस्पताल का निरीक्षण किया, तो वहां का नजारा बेहद संदिग्ध था। अस्पताल में न तो कोई डॉक्टर मौजूद था और न ही कोई मरीज। वहां केवल दो महिला कर्मचारी ही मौजूद पाई गईं। अस्पताल प्रबंधन के राजीव ठाकुर ने सफाई देते हुए कहा कि अस्पताल का संचालन एक एनजीओ के माध्यम से किया जा रहा है और स्थानीय स्तर पर पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है।

इस पर सिविल सर्जन ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि जब तक अस्पताल को वैध लाइसेंस प्राप्त नहीं हो जाता, तब तक इसका संचालन तुरंत प्रभाव से बंद रखा जाए।

बिना आईसीयू के अस्पताल चलाने पर सख्ती

जांच टीम ने दरभंगा अल्ट्रासाउंड, भरवाड़ा स्थित न्यू अपोलो अस्पताल और एसए हेल्थ केयर का भी दौरा किया। एसए हेल्थ केयर में दो चिकित्सक तो मौजूद मिले, लेकिन वहां सुविधाओं में कमी पाई गई। 12 बेड वाले इस अस्पताल के लिए सिविल सर्जन ने तत्काल प्रभाव से अनिवार्य रूप से आईसीयू (ICU) कक्ष की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।

वहीं, तारा हॉस्पिटल के निरीक्षण में एक आयुष चिकित्सक तो मिले, लेकिन अस्पताल प्रबंधन आवश्यक कानूनी दस्तावेज उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल रहा।

बिना लाइसेंस संचालन पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई

सिविल सर्जन ने स्पष्ट कर दिया है कि क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर हो रही अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रेमचंद प्रसाद को सख्त निर्देश दिए हैं कि:

  • बिना वैध लाइसेंस के संचालित हो रहे सभी अस्पतालों पर कार्रवाई की जाए।
  • अवैध निजी क्लीनिकों और जांच केंद्रों को तुरंत बंद कराया जाए।
  • दस्तावेजों की कमी वाले संस्थानों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाए।

प्रशासन की इस कार्रवाई से साफ है कि अब बिना अनुमति के स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना लोगों की जान के साथ खिलवाड़ माना जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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