मनिहारी पार्षद लाखो यादव पर केस: थाने में हंगामा और दुष्प्रचार का आरोप

कटिहार जिले के मनिहारी नगर पंचायत के मुख्य पार्षद राजेश कुमार यादव उर्फ लाखो यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन पर मनिहारी थाने में घुसकर हंगामा करने, पुलिसकर्मियों पर अवैध वसूली के झूठे आरोप लगाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
थाने में हंगामा और अभद्र भाषा का प्रयोग
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 11 अक्टूबर की दोपहर करीब 3:05 बजे की है। जब पुलिस अवर निरीक्षक (एसआई) इमाम हसन ड्यूटी पर तैनात थे, तभी मुख्य पार्षद राजेश कुमार यादव अपनी निजी चार चक्का गाड़ी से अपने सहयोगी कुंदन यादव और अन्य लोगों के साथ थाने पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने अपनी गाड़ी को अधिकारी के कार्यस्थल के ठीक सामने खड़ा कर दिया और हंगामा शुरू कर दिया।
पार्षद और उनके सहयोगियों पर आरोप है कि उन्होंने बासुकी यादव के विरुद्ध अत्यंत अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया और पुलिस प्रशासन पर रंगदारी वसूली का मनगढ़ंत आरोप लगाकर गाली-गलौज की।
सोशल मीडिया पर छवि धूमिल करने की कोशिश
इस मामले में एक और गंभीर आरोप यह है कि पार्षद और उनके साथियों ने थाने परिसर में ही वीडियोग्राफी कराई। आरोप है कि इस वीडियोग्राफी का उद्देश्य फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित कर पुलिस की छवि को खराब करना और दुष्प्रचार करना था।
पार्षद ने बाबा कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड की दो पार्किंग रसीदें भी दिखाईं और दावा किया कि वे इन्हें किसी कर्मी से बलपूर्वक छीनकर लाए हैं।
सीसीटीवी में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम
थाने में हुई इस पूरी घटना को वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड किया गया है, जो पुलिस के पास एक महत्वपूर्ण सबूत है।
एसआई इमाम हसन के लिखित प्रतिवेदन के आधार पर मनिहारी थाने में कांड संख्या 486/26 दर्ज की गई है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:
- धारा 221
- धारा 217
- धारा 356
- धारा 132
- धारा 303(2)
- धारा 352
- धारा 351(2)
- धारा 3(5)
पुलिस ने मामले की विधिवत जांच शुरू कर दी है और इस पूरे कांड के अनुसंधान का प्रभार एसआई असित कुमार चौधरी को सौंपा गया है।