"SIR रद्द हो और CEC इस्तीफा दें": मनीष तेवारी का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला

कांग्रेस सांसद मनीष तेवारी ने 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) को लेकर चुनाव आयोग पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। तेवारी ने मांग की है कि SIR को तुरंत रद्द किया जाए और 4 जून 2024 को लोकसभा चुनाव परिणामों के समय जो मतदाता सूची (Electoral Roll) प्रभावी थी, उसे ही बहाल किया जाए।
13 करोड़ लोगों का वोटिंग अधिकार छीना गया
मनीष तेवारी ने दावा किया कि SIR प्रक्रिया के कारण 13 करोड़ से अधिक लोगों को उनके वोट देने के मौलिक अधिकार से वंचित कर दिया गया है। उन्होंने इस संख्या की तुलना दुनिया के कई देशों की कुल आबादी से करते हुए बेहद चौंकाने वाला बयान दिया।
तेवारी ने कहा, "दुनिया में कई ऐसे देश हैं जिनकी कुल आबादी केवल 10 करोड़ है। वैश्विक स्तर पर केवल 16 देशों की जनसंख्या 10 करोड़ से अधिक है। यहाँ जितने लोगों को वोट देने से रोका गया है, वह कई देशों की पूरी आबादी से भी ज्यादा है।"
उन्होंने कड़े शब्दों में मांग करते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। तेवारी के अनुसार, यह आज पूरे देश की मांग है।
मनोज झा ने भी साधा निशाना, बताया 'अपराध'
इस मुद्दे पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज झा ने भी विपक्षी दलों का साथ दिया है। उन्होंने जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा कि यह केवल विपक्षी दलों का आंदोलन नहीं है, बल्कि उन नागरिकों की आवाज है जो लोकतांत्रिक संस्थाओं के कामकाज पर सवाल उठा रहे हैं।
"हर नागरिक, जो इस गणराज्य का हितधारक है, उसे महसूस होता है कि एक कठपुतली, जिसकी डोर कहीं और से खिंच रही है, फैसले ले रही है।" — मनोज झा
प्रणालीगत अनियमितताओं के आरोप
मनोज झा ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि SIR के दौरान व्यवस्थित तरीके से अनियमितताएं की गईं। उन्होंने कहा कि आयोग की हालिया गतिविधियां उन चिंताओं की पुष्टि करती हैं जिन्हें पहले अहंकार या दबाव में आकर नकारा गया था।
झा ने इसे एक प्रकार का 'अपराध' करार देते हुए कहा कि यह एक ऐसी अवैधता है जिसे छिपाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने तेजस्वी यादव के पुराने बयानों का भी जिक्र किया और सवाल उठाया कि क्या उच्च पदों पर बैठे लोगों को अनियमितताओं को कवर करने के लिए संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस गड़बड़ी की जड़ें बहुत ऊपर तक जुड़ी हुई हैं।