फारबिसगंज विधायक मनोज विश्वास ने सरकार और प्रशासन के सहयोग शिविरों को बताया कारगर, अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप

बिहार सरकार और जिला प्रशासन की ओर से समस्याओं के निबटारे को लेकर लगने वाले सहयोग शिविर कारगर नहीं हैं। शिविर में केवल कागजी खानापूर्ति की जाती है और समस्याओं के निराकरण के प्रति विभागीय अधिकारी संवेदनशील नहीं हैं। उक्त बातें फारबिसगंज विधायक मनोज विश्वास ने सुभाष चौक स्थित जन संपर्क कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कही। उन्होंने नौ महीने के अपने कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों और सदन में उठाए गए मामलों का लेखा जोखा भी प्रस्तुत किया।
फारबिसगंज सहित जिला में सूखा नशा का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। इस गोरखधंधे में बड़े बड़े सफेद कॉलर वाले लोगों की संलिप्तता है। शहर से लेकर ग्रामीण स्तर पर नशे के खिलाफ कार्यक्रम चलाकर सूखा नशे के कारण होने वाले नुकसान को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाने की जरूरत है।
सबसे अधिक अंचल कार्यालय से जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं। जमीन से संबंधित परिमार्जन और मोटिवेशन फारबिसगंज अंचल कार्यालय में सूबे में सबसे अधिक पेंडिंग हैं। उनके पास आने वाले सौ में से 90 लोगों की समस्या जमीन से संबंधित रहती है। सरकार के दावे के विपरीत जमीन संबंधित समस्याओं का निवारण नहीं हो पा रहा है। सहयोग शिविर और पोर्टल में शिकायत करने पर भी लोगों का काम नहीं हो रहा है। अधिकारी सरकार को ठगने का काम कर रहे हैं और केवल कोरम पूरा किया जा रहा है।
स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं के निराकरण को लेकर डीएम सहित सीएस के साथ कई बार बैठक की गई है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय से लेकर निशांत कुमार और सीएम सम्राट चौधरी से खुद मिलकर निराकरण की गुहार लगाई जा चुकी है। बावजूद इसके अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सक और कर्मी लापरवाह हैं और गंभीर मामलों में संवेदनशीलता नहीं है। पीएचसी प्रभारी डॉ राजीव बसाक ने हरेक वार्ड में पैसा देने वाले आशा कर्मी को नियुक्त कर दिया है और इस नियुक्ति से मुखिया को भी अनभिज्ञ रखा गया है।
फॉर्मर आईडी को लेकर पूर्वज के जमीन का बंटवारा नहीं होने से फॉर्मर आईडी कार्ड निर्माण में समस्याएं आ रही हैं। परदादा और दादा के जमीन वाले किसानों को खाद और उर्वरक नहीं मिल रहा है। खाद और उर्वरक की हो रही कालाबजारी पर रोक लगाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को कवायद करनी होगी अन्यथा किसानों की किसानी प्रभावित होगी। फॉर्मर आईडी पर ही सरकार की अनुदानित खाद और उर्वरक मिलेगा जिसके फलस्वरूप किसानों को यूरिया नहीं मिल रहा है। कृषि अधिकारियों से डीलर के स्टॉक की जानकारी मांगने पर भी अभी तक अधिकारी द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया है।
कैंसर के प्रति जागरूकता पर विशेष बल दिया गया है। जल्द ही मुजफ्फरपुर स्थित टाटा के कैंसर अस्पताल की टीम जिला में कैंप कर कैंसर मरीजों का जांच कर उनके समुचित इलाज के लिए पहल करेगी, जिसके लिए स्वयं अस्पताल प्रबंधक से बात की गई है।