गांधी और शास्त्री की जयंती पर विधायक मनोज विश्वास ने दी श्रद्धांजलि

Ghazala Saheb2 October 20262 min read0 viewsBihar
गांधी और शास्त्री की जयंती पर विधायक मनोज विश्वास ने दी श्रद्धांजलि

अररिया के फारबिसगंज में शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ मनाई गई। सुभाष चौक स्थित विधायक जनसंपर्क कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में विधायक मनोज विश्वास सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों ने दोनों महान विभूतियों को याद किया।

महापुरुषों के आदर्शों को किया याद

इस अवसर पर विधायक मनोज विश्वास और उपस्थित लोगों ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मनोज विश्वास ने कहा कि गांधी जी और शास्त्री जी के विचार केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे आज भी समाज को सही दिशा देने वाले जीवंत आदर्श हैं।

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा, त्याग और मानवता के माध्यम से देशवासियों को एकजुट होने का मार्ग दिखाया। वहीं, लाल बहादुर शास्त्री ने अपनी सादगी, ईमानदारी और राष्ट्र के प्रति समर्पण से सार्वजनिक जीवन में एक ऐसी मिसाल कायम की, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।

सामाजिक सद्भाव और एकता पर जोर

विधायक ने फारबिसगंज की सामाजिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि यह धरती हमेशा से आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव की पहचान रही है। यहाँ अलग-अलग समुदायों के लोग वर्षों से एक-दूसरे के सुख-दुःख में साथ खड़े होते आए हैं। ऐसे में बापू का सत्य और अहिंसा का संदेश समाज के लिए और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।

मनोज विश्वास ने समाज को एकजुट रखने का संदेश देते हुए कहा:

"मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन मनभेद नहीं होना चाहिए; समाज की असली ताकत एक-दूसरे का सम्मान करने और साथ लेकर चलने में है। बापू से हमें सत्य और अहिंसा की शक्ति मिलती है, तो शास्त्री जी का जीवन हमें सादगी और कर्तव्यनिष्ठा का पाठ पढ़ाता है।"

उन्होंने आगे कहा कि फारबिसगंज की जनता के बीच रहकर जनसेवा करना और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना ही उनकी प्राथमिकता है। आज के समय में समाज को जोड़ने वाली राजनीति और जनसेवा की आवश्यकता है, न कि तोड़ने वाली सोच की। बापू के बताए प्रेम और शांति के रास्ते पर चलकर ही फारबिसगंज को और अधिक मजबूत और समृद्ध बनाया जा सकता है।

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