मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता की हत्या, पंजाब में सियासी संग्राम

Ghazala Saheb13 October 20262 min read0 viewsBihar
मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता की हत्या, पंजाब में सियासी संग्राम

पंजाब के मानसा जिले से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां नशा विरोधी कार्यकर्ता परमनंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को बल्कि पूरे राज्य की राजनीति को भी झकझोर कर रख दिया है।

व्यक्तिगत दुश्मनी बनी हत्या की वजह

पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इस हत्या के पीछे व्यक्तिगत दुश्मनी का हाथ है। डीआईजी हरजीत सिंह के अनुसार, मानसा के एक मेडिकल शॉप के मालिक अश्वनी ने अपने पास मौजूद लाइसेंसी पिस्तौल से परमनंदर सिंह पर हमला किया। हमलावर ने गोली चलाने के बाद मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा, मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के परिवार के सदस्यों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

सरकार पर कानून-व्यवस्था की विफलता का आरोप

इस हत्याकांड के बाद पंजाब में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि "कोई भी कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकता और दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी।" वहीं, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजा वारिंग ने भगवंत मान सरकार की कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह हत्या राज्य की विफलता और सरकार के अभियान की नाकामी का सीधा परिणाम है।

प्रधानमंत्री से सुरक्षा की गुहार

मृतक कार्यकर्ता के पिता ने इस घटना के बाद अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर गहरा डर जताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से सीधे अपील की है कि उनके पोते-पोतियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार उनके बेटे को सुरक्षा प्रदान करने में पूरी तरह विफल रही। हालांकि, उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि वे जीवन भर नशे के खिलाफ अपनी लड़ाई को जारी रखेंगे।

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