26/11 के पीड़ितों को मार्को रुबियो की श्रद्धांजलि, भारत के साथ एकजुटता का वादा

Prakriti Singh20 October 20262 min read0 viewsMaharashtra
26/11 के पीड़ितों को मार्को रुबियो की श्रद्धांजलि, भारत के साथ एकजुटता का वादा

मुंबई के ऐतिहासिक ताज होटल में मंगलवार को एक भावुक क्षण देखने को मिला, जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 26/11 के आतंकी हमलों के पीड़ितों को पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत और अमेरिका के बीच अटूट साझेदारी और साझा प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया।

26/11 के पीड़ितों को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

मार्को रुबियो ने मुंबई के ताज महल पैलेस होटल में 26 नवंबर, 2008 के भीषण आतंकी हमले के पीड़ितों की याद में पुष्पांजलि अर्पित की। इस हमले में कुल 166 लोगों की जान चली गई थी, जिनमें छह अमेरिकी नागरिक भी शामिल थे।

"मैंने ताज महल पैलेस होटल में 26 नवंबर, 2008 के भयानक आतंकवादी हमलों के पीड़ितों को सम्मान देने के लिए पुष्पांजलि अर्पित की, जिनमें छह अमेरिकी नागरिक भी शामिल थे। हम उन लोगों को याद करते हैं जिन्होंने अपनी जान गंवाई, उन लोगों के साहस का सम्मान करते हैं जिन्होंने जवाबी कार्रवाई की, और आतंकवाद से लड़ने की हमारी साझा प्रतिबद्धता और स्थायी भारत-अमेरिका साझेदारी की पुष्टि करते हैं।"

रुबियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए भारत के साथ आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अपनी अटूट एकजुटता का संदेश दिया।

तकनीक और रक्षा क्षेत्र में बढ़ता सहयोग

इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान, भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने मुंबई में अमेरिकी कांग्रेस के कर्मचारियों के साथ मुलाकात की। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, इस बैठक में प्रौद्योगिकी और रक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते सहयोग पर विस्तार से चर्चा की गई।

विदेश सचिव ने भारत-अमेरिका साझेदारी की महत्ता और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने में अमेरिकी कांग्रेस की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने दोनों लोकतंत्रों के बीच लोगों के आपसी संबंधों और तकनीकी विकास में सहयोग को भी रेखांकित किया।

एस जयशंकर और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की उच्च स्तरीय बैठक

इससे पहले, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी मुंबई में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस प्रतिनिधिमंडल में जेसन स्मिथ, डेविड श्वार्टर, एलिस स्टेफ़ानिक, एंडी ओगल्स और लौरा फ्रेडरिकन शामिल थे।

बैठक के दौरान निम्नलिखित प्रमुख पहलुओं पर चर्चा की गई:

  • व्यापार और ऊर्जा: दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और अधिक मजबूत बनाना।
  • सुरक्षा और तकनीक: रक्षा और उन्नत तकनीक के क्षेत्र में आपसी सहयोग को बढ़ाना।
  • इंडो-पैसिफिक सहयोग: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को गहरा करना।
  • व्यापार सुगमता: भारत में 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देने पर विचार।

एस जयशंकर ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के सकारात्मक दृष्टिकोण की सराहना की और द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की इच्छा व्यक्त की। बैठक में विदेश सचिव मिस्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

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