मीरापुर में गैस सिलेंडर न मिलने पर हंगामा, जर्जर सराय दरवाजा और लंपी बीमारी से बढ़ी चिंता

मीरापुर की मुख्य खबरें: मीरापुर में एचपी गैस कनेक्शन धारक को एक साल से सिलेंडर न मिलने पर थाने में तहरीर दी गई है, कस्बे का ऐतिहासिक सराय दरवाजा जर्जर हालत में पहुंचने पर पुरातत्व विभाग को रिपोर्ट भेजी गई है, क्षेत्र में लंपी बीमारी से सैकड़ों गोवंश संक्रमित हुए हैं तथा जलभराव के कारण जहारवीर गोगा की महाड़ी का ऐतिहासिक मेला प्रभावित हुआ है।
एचपी गैस कनेक्शन धारक को एक साल से नहीं मिला सिलेंडर
कस्बे के मोहल्ला कोटला निवासी अखिल पुत्र सुभाष ने एचपी गैस एजेंसी के कर्मचारियों पर लापरवाही और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है। पीड़ित ने बताया कि उसके नाम से एचपी गैस का वैध घरेलू कनेक्शन है और वह पिछले कई वर्षों से नियमित रूप से सिलेंडर प्राप्त करता रहा है, लेकिन पिछले लगभग एक साल से उसे गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। आरोप है कि हर बार एजेंसी पर जाने पर कर्मचारी कोई नया बहाना बनाकर उसे वापस भेज देते हैं। गुरुवार 20 अगस्त को जब वह एजेंसी पहुंचा तो सेल्समैन ने कहा कि उसके गैस खाते पर किसी अन्य व्यक्ति का मोबाइल नंबर दर्ज है, इसलिए सिलेंडर नहीं दिया जा सकता। पीड़ित का कहना है कि उसने पहले ही केवाईसी संबंधी सभी दस्तावेज आयुष गैस एजेंसी, मीरापुर में जमा करा दिए थे, इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। उसका आरोप है कि बार-बार सिलेंडर मांगने पर कर्मचारियों ने अभद्र व्यवहार किया तथा उसके कनेक्शन पर कोई अन्य व्यक्ति लगातार सिलेंडर ले रहा है, जबकि वह एक साल से पड़ोसियों से गैस मांगकर गुजारा कर रहा है। पुलिस ने तहरीर लेकर जांच शुरू कर दी है।
जर्जर हालत में पहुंचा मीरापुर का प्राचीन सराय दरवाजा
कस्बे का ऐतिहासिक एवं प्राचीन सराय दरवाजा अत्यंत जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है और लगातार हो रही बारिश के कारण इसके चारों ओर जलभराव हो गया है, जिससे इसके गिरने का खतरा बढ़ गया है। इस दरवाजे के नीचे से प्रतिदिन हजारों लोग आवागमन करते हैं, जिससे स्थानीय लोगों में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। नगरवासियों का कहना है कि वे लंबे समय से नगर पंचायत मीरापुर से इस ऐतिहासिक धरोहर के पुनर्निर्माण या संरक्षण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बरसात में स्थिति और अधिक खराब होने पर अधिशासी अधिकारी नीलम पांडे, सभासद सलीम तथा सभासद सरताज सैफी ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि दरवाजे की स्थिति काफी जर्जर है और केवल मरम्मत कराकर इसे सुरक्षित रखना संभव नहीं है। अधिशासी अधिकारी नीलम पांडे ने बताया कि इसकी वर्तमान स्थिति को देखते हुए पुरातत्व विभाग को विस्तृत रिपोर्ट भेज दी गई है तथा नगर पंचायत की ओर से भी जल्द प्रस्ताव पारित कर पुनर्निर्माण या संरक्षण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
मीरापुर क्षेत्र में लंपी बीमारी का बढ़ता प्रकोप
क्षेत्र में गोवंश में फैल रही लंपी स्किन डिजीज का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे सैकड़ों पशु संक्रमित हैं और दर्जनों गोवंश की मौत हो चुकी है। मीरापुर पशु चिकित्सालय के प्रभारी डॉ. अजय कुमार ने बताया कि यह बीमारी उत्तराखंड की ओर से फैलते हुए मीरापुर क्षेत्र तक पहुंची है और इस पर नियंत्रण के लिए लगभग एक दर्जन पशु चिकित्सकों की टीम गठित की गई है जो प्रभावित गांवों में पहुंचकर बीमार गोवंश का उपचार कर रही है तथा स्वस्थ पशुओं का टीकाकरण करा रही है। डॉ. अजय कुमार ने बताया कि कान्हा गौशाला में किसी गोवंश में लंपी बीमारी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में कई पशुपालकों के गोवंश संक्रमित हुए हैं और मौतें भी हुई हैं। इस रोग में पशुओं के शरीर पर बड़े-बड़े गांठनुमा उभार और सूजन बनने लगती है जो पूरे शरीर में फैल जाती है, जिससे पशु कमजोर हो जाते हैं और गंभीर स्थिति में मृत्यु हो सकती है। पशु चिकित्सा विभाग ने पशुपालकों से अपील की है कि लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सालय को सूचना दें।
जलभराव की भेंट चढ़ा जहारवीर गोगा की महाड़ी का ऐतिहासिक मेला
कस्बे में परंपरागत रूप से लगने वाला जहारवीर गोगा की महाड़ी का ऐतिहासिक मेला जलभराव की समस्या के कारण प्रभावित हुआ है। कच्चा पक्का शिव मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में भारी जलभराव होने से मेले के आयोजन पर संकट गहरा गया है, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में निराशा है। कच्चा पक्का शिव मंदिर समिति के अध्यक्ष विवेक वर्मा ने बताया कि सावन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर जहारवीर गोगा छड़ियान मेला सदियों से आयोजित होता आ रहा है जहां दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं। इस वर्ष लगातार हुई बारिश के कारण मंदिर परिसर और महाड़ी के आसपास पानी भर गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों ने पहले ही नगर पंचायत को जलभराव से अवगत करा दिया था, लेकिन समय रहते जल निकासी की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई। भूमिया मंदिर और भूम्मा रोड क्षेत्र में भी मेले का आयोजन किया जाता है, और स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने तथा मेले के सुचारु आयोजन के लिए कदम उठाने की मांग की है।