नशा विरोधी कार्यकर्ता की हत्या पर एक्शन में गृह मंत्रालय, पंजाब से मांगी रिपोर्ट

Ghazala Saheb16 October 20262 min read0 viewsBihar
नशा विरोधी कार्यकर्ता की हत्या पर एक्शन में गृह मंत्रालय, पंजाब से मांगी रिपोर्ट

नई दिल्ली: पंजाब में नशा विरोधी अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह उर्फ झोटा की हत्या के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। गृह मंत्रालय (MHA) ने इस घटना को लेकर पंजाब सरकार से एक विस्तृत और तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।

क्या था मानसा का पूरा मामला?

यह दर्दनाक घटना 13 अक्टूबर को पंजाब के मानसा जिले में घटित हुई थी। झोटा, जो राज्य में नशीले पदार्थों और मनोवैज्ञानिक दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे थे, उन्हें एक मेडिकल स्टोर पर बहस के दौरान गोली मार दी गई।

मिली जानकारी के अनुसार, झोटा अक्सर केमिस्ट की दुकानों पर अवैध रूप से बिकने वाली दवाओं के खिलाफ अभियान चलाते थे। वे संदिग्ध विक्रेताओं का सामना करते थे और उनके वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करते थे। मानसा की घटना के दौरान, वे और उनके सहयोगी एक मेडिकल स्टोर के मालिक से नशीली दवाओं की अवैध बिक्री को लेकर सवाल कर रहे थे। इसी दौरान बहस बढ़ गई और कथित तौर पर दुकानदार ने फायरिंग कर दी, जिससे झोटा की मौत हो गई और अन्य लोग घायल हो गए। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है।

विरोध और कानून-व्यवस्था पर सवाल

झोटा की हत्या के बाद पंजाब में भारी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इस घटना ने राज्य में बढ़ते नशे के खतरे और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी नेताओं ने भी इस मामले पर राज्य सरकार की तीखी आलोचना की है और अपराध नियंत्रण एवं दवाओं की अवैध बिक्री को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

गृह मंत्रालय ने किन मुद्दों पर मांगा जवाब?

गृह मंत्रालय ने न केवल इस हत्या की जांच मांगी है, बल्कि 'नशा मुक्त भारत' के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पंजाब सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का ब्यौरा भी मांगा है। मंत्रालय ने निम्नलिखित रणनीतिक प्राथमिकताओं पर रिपोर्ट मांगी है:

  • एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF): एक समर्पित टास्क फोर्स का पुनर्गठन और स्थापना।
  • अनिवार्य वित्तीय जांच: ड्रग से जुड़े मामलों में धन के लेन-देन की जांच ताकि ड्रग नेटवर्क की आर्थिक कमर तोड़ी जा सके।
  • NDPS कोर्ट और नोडल अधिकारी: मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष अदालतों का निर्धारण और जवाबदेही तय करना।
  • NCORD तंत्र: केंद्र और राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए परिणाम-आधारित समीक्षा।
  • अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क: सीमा पार से होने वाले ड्रग तस्करी के संगठित नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई।

गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करी और मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए सभी हितधारकों को निरंतर और समन्वित कार्रवाई करने की आवश्यकता है।

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