पंजाब ड्रग हिंसा: गुरदासपुर मामले पर गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट

Ghazala Saheb16 October 20262 min read0 viewsBihar
पंजाब ड्रग हिंसा: गुरदासपुर मामले पर गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट

पंजाब ड्रग हिंसा की बढ़ती घटनाओं ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने गुरदासपुर में हुई एक हिंसक घटना, जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए, के संबंध में पंजाब सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

गुरदासपुर में हुई हिंसक घटना का विवरण

गृह मंत्रालय के आंतरिक सुरक्षा-I डिवीजन ने पंजाब के मुख्य सचिव को लिखे पत्र में गुरदासपुर के श्री हरगोबिंदपुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले मारी पन्वान गांव की घटना का उल्लेख किया है। मंत्रालय के अनुसार, बिक्रमजीत सिंह, निशान सिंह और गुरमुख सिंह पर हमला किया गया था।

इस हमले में बिक्रमजीत सिंह की मौत हो गई, जबकि अन्य दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं। मंत्रालय ने इस बात की जांच की मांग की है कि क्या इन हमलों का संबंध नशीली दवाओं के अवैध कारोबार से है।

नशा विरोधी कार्यकर्ता की हत्या पर भी उठाए सवाल

गृह मंत्रालय ने केवल गुरदासपुर ही नहीं, बल्कि मानसा में 13 अक्टूबर को हुई नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह उर्फ झोटा की हत्या के मामले में भी तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। झोटा पंजाब में नशीली दवाओं के अवैध प्रसार के खिलाफ सक्रिय रूप से अभियान चला रहे थे।

रिपोर्ट के अनुसार, मानसा में एक मेडिकल स्टोर पर नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर हुए विवाद के दौरान झोटा और उनके साथियों का सामना स्टोर मालिक से हुआ। इस झड़प के दौरान हुई फायरिंग में झोटा की मौत हो गई। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।

नशा मुक्त भारत के लिए मंत्रालय की सख्त रणनीति

गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार से नशा मुक्त भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उठाए गए कदमों का विवरण भी मांगा है। मंत्रालय ने निम्नलिखित रणनीतिक प्राथमिकताओं पर जोर दिया है:

  • एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF): एक समर्पित टास्क फोर्स का पुनर्गठन और स्थापना।
  • वित्तीय जांच: ड्रग से जुड़े मामलों में अनिवार्य रूप से वित्तीय जांच करना ताकि तस्करी के नेटवर्क को तोड़ा जा सके।
  • NDPS अदालतें: मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष NDPS अदालतों का निर्धारण।
  • NCORD तंत्र: केंद्र और राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए परिणाम-उन्मुख समीक्षा।
  • ट्रांसनेशनल नेटवर्क पर कार्रवाई: अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के खिलाफ सख्त कदम उठाना।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ड्रग तस्करी और मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए सभी हितधारकों को निरंतर कार्रवाई करने की आवश्यकता है।

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