"भारत आना सम्मान की बात है": जोधपुर RIFF के बाद मिक जैगर का खास संदेश
रोलिंग स्टोन्स के मिक जैगर ने राजस्थान के जोधपुर RIFF 2026 में शामिल होने के बाद भारत के प्रति अपना प्यार और सम्मान व्यक्त किया है।

रोलिंग स्टोन्स के दिग्गज गायक मिक जैगर ने हाल ही में भारत की अपनी यात्रा और जोधपुर RIFF के अनुभवों को लेकर एक बेहद खास और भावुक संदेश साझा किया है। राजस्थान के प्रतिष्ठित 'राजस्थान इंटरनेशनल फोक फेस्टिवल' (Jodhpur RIFF) के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक के रूप में शामिल होने के बाद, जैगर ने अपनी इस यात्रा की यादों को सोशल मीडिया पर दुनिया के साथ साझा किया है।
इंस्टाग्राम पर साझा की अपनी यादें
मिक जैगर ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर तस्वीरों का एक संग्रह (carousel) पोस्ट किया है। इन तस्वीरों में वे एक पारंपरिक भारतीय पृष्ठभूमि के सामने सफेद टी-शर्ट, नीली पतलून और एक सनहैट पहने नजर आ रहे हैं। अपनी पोस्ट के साथ जैगर ने लिखा, "जोधपुर RIFF म्यूजिक फेस्टिवल के संरक्षक के रूप में भारत आना हमेशा सम्मान की बात होती है।"
जैगर के इस पोस्ट पर उनके प्रशंसकों और अन्य कलाकारों ने जबरदस्त प्रतिक्रिया दी है। लोग इस रॉक आइकन का भारत में स्वागत कर रहे हैं और वैश्विक संगीत में उनके योगदान की सराहना कर रहे हैं।
जोधपुर RIFF 2026: संगीत का अद्भुत संगम
यह आयोजन जोधपुर RIFF का 20वां संस्करण था, जो 22 से 26 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया गया। इस पांच दिवसीय उत्सव का आयोजन शरद पूर्णिमा के अवसर पर किया गया था। संगीत की यह जादुई दुनिया जोधपुर के ऐतिहासिक मेहरानगढ़ किले और जसवंत थड़ा के आसपास जीवंत रही।
इस वर्ष के संस्करण में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय विशेष संगीत प्रस्तुतियां दी गईं, जिसमें अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के बीच स्थानीय कलाकारों का शानदार सहयोग देखने को मिला। कार्यक्रम का समापन पंजाबी गायक मनप्रीत सिंह की भोर की प्रस्तुति के साथ हुआ।
अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की मौजूदगी
इस बार के महोत्सव में दुनिया भर के बेहतरीन कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिनमें शामिल थे:
- DOBBY: फिलीपीनी-मुरावार्री संगीतकार
- Killabeatmaker: कोलंबियाई निर्माता
- Karolina Cicha: पोलिश वोकलिस्ट
- Printz Board: मल्टी-ग्रैमी विजेता निर्माता
सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण
जोधपुर RIFF, जिसे मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट द्वारा आयोजित किया जाता है, एक गैर-लाभकारी पहल है। यूनेस्को (UNESCO) द्वारा समर्थित यह उत्सव राजस्थान के लांगा और मांगणियार समुदायों की पारंपरिक संगीत विरासत को संरक्षित करने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करने के लिए जाना जाता है।
जहाँ मारवाड़-जोधपुर के महाराजा गज सिंह द्वितीय इस उत्सव के मुख्य संरक्षक हैं, वहीं मिक जैगर इसके अंतरराष्ट्रीय संरक्षक के रूप में इस सांस्कृतिक मुहिम को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।