राजस्व मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: मंत्री दिलीप जायसवाल का अधिकारियों को अल्टीमेटम

मंत्री दिलीप जायसवाल ने कटिहार में सीओ और डीसीएलआर के साथ समीक्षा बैठक की और दाखिल-खारिज में देरी पर सख्त निर्देश दिए।

Ghazala Saheb27 October 20262 min read0 viewsBihar
राजस्व मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: मंत्री दिलीप जायसवाल का अधिकारियों को अल्टीमेटम

बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। मंगलवार को कटिहार में अंचल अधिकारियों (सीओ) और भूमि सुधार उप समाहर्ताओं (डीसीएलआर) के साथ आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि विभागीय कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दाखिल-खारिज और परिमार्जन में देरी पर सख्त रुख

बैठक के दौरान मंत्री ने दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के आवेदनों को लेकर अधिकारियों को सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि म्यूटेशन के आवेदनों को बिना किसी ठोस कारण के अनावश्यक रूप से लंबित रखना अधिकारियों की बड़ी चूक है। उन्होंने सभी सीओ को निर्देश दिया कि वे प्राथमिकता के आधार पर तय समय-सीमा के भीतर इन मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करें।

इसके साथ ही, भूमि अभिलेखों में त्रुटि सुधार यानी 'परिमार्जन' की प्रक्रिया को लेकर भी कड़े निर्देश दिए गए। मंत्री ने 'परिमार्जन प्लस' के तहत डिजिटलीकरण के कार्य में तेजी लाने पर जोर दिया, ताकि आम रैयतों को अपने छोटे-छोटे सुधारों के लिए बार-बार अंचल कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें और उन्हें स्थायी राहत मिल सके।

शून्य खाता-खेसरा वाली जमाबंदी में तुरंत सुधार के आदेश

समीक्षा के दौरान मंत्री ने एक गंभीर तकनीकी समस्या पर भी अधिकारियों को घेरा। उन्होंने पाया कि कई जमाबंदियों में खाता संख्या, खेसरा संख्या अथवा रकबा 'शून्य' या अनुपलब्ध दर्ज है। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए:

  • ऐसे सभी मामलों को तुरंत चिन्हित किया जाए।
  • नियमानुसार अविलंब सुधार की प्रक्रिया पूरी की जाए।
  • भूमि अभिलेखों को पूरी तरह सटीक और अद्यतन (Update) बनाया जाए ताकि भविष्य में कोई समस्या न हो।

भूमि विवाद कम करने के लिए निष्पक्ष मापी पर जोर

मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि जिले में अधिकांश भूमि विवादों की मुख्य जड़ भूमि मापी (Land Measurement) से जुड़ी होती है। यदि मापी की प्रक्रिया सही, निष्पक्ष और समय पर हो, तो विवादों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि मापी के आवेदनों का निपटारा पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए।

जनता की शिकायतों का संवेदनशीलता से समाधान

अंत में, मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम जनता की शिकायतों को सुनना और उनका संवेदनशीलता के साथ समाधान करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने 'राजस्व महा-अभियान' के तहत निर्धारित लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर धरातल पर उतारने की भी बात कही, ताकि राजस्व सेवाएं आम जनता के लिए अधिक सुलभ और प्रभावी बन सकें।

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