एशियाई खेलों में मीराबाई चानू का सिल्वर, पूरा किया सालों पुराना सपना
Weightlifting star Mirabai Chanu secures silver at the Asian Games 2026 in Japan, fulfilling a long-held dream after overcoming previous injuries.

भारतीय वेटलिफ्टिंग की दिग्गज खिलाड़ी मीराबाई चानू ने जापान में आयोजित एशियाई खेलों में रजत पदक जीतकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मंगलवार को नई दिल्ली वापस लौटते हुए चानू बेहद उत्साहित नजर आईं। उन्होंने कहा कि इस पदक के लिए उन्होंने सालों इंतजार किया था और यह उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है।
198 किलोग्राम वजन के साथ दिखाया दम
49 किलोग्राम भार वर्ग की महिला प्रतियोगिता में 32 वर्षीय चानू ने अपनी ताकत का लोहा मनवाया। उन्होंने कुल 198 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया। उनके प्रदर्शन का विवरण इस प्रकार रहा:
- स्नैच: 87 किलोग्राम
- क्लीन एंड जर्क: 111 किलोग्राम
इस मुकाबले में उत्तर कोरिया की री सोंग गुम ने 215 किलोग्राम उठाकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि विजयाना को कांस्य पदक मिला।
चोट के दर्द को पीछे छोड़ रचा इतिहास
मीराबाई चानू के लिए यह जीत केवल एक पदक नहीं, बल्कि उनके संघर्ष की जीत है। पिछले एशियाई खेलों (हांगझू 2023) के दौरान चोट के कारण उन्हें अपने अंतिम प्रयास से पीछे हटना पड़ा था, जिसके कारण वह पदक से चूक गई थीं और चौथे स्थान पर रहीं।
"ये एशियाई खेल मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण थे क्योंकि पिछले संस्करण में मुझे चोट लगी थी। यह खुद को साबित करने का मेरा सबसे अच्छा मौका था। हमने बहुत अच्छी ट्रेनिंग की थी और अपनी रणनीति पर टिके रहे।"
मल्लेश्वरी के बाद दूसरी बड़ी उपलब्धि
इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही मीराबाई चानू ने एक और कीर्तिमान स्थापित किया है। वह कर्नम मल्लेश्वरी के बाद ऐसी दूसरी भारतीय वेटलिफ्टर बन गई हैं, जिन्होंने ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल, विश्व चैंपियनशिप और एशियाई चैंपियनशिप जैसे सभी बड़े मंचों पर पदक जीते हैं।
रणनीति और जीत का मंत्र
चानू ने बताया कि टीम ने इस मौके को हाथ से न जाने देने के लिए बहुत सावधानीपूर्वक योजना बनाई थी। उन्होंने वजन के सटीक संयोजन और अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित किया ताकि वे मंच पर बिना किसी चूक के अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें।