मीराबाई चानू का ऐतिहासिक सिल्वर: एशियन गेम्स में लहराया तिरंगा, पीएम मोदी बोले- 'भारत को आप पर गर्व है'

Ghazala Saheb23 September 20263 min read1 viewBihar
मीराबाई चानू का ऐतिहासिक सिल्वर: एशियन गेम्स में लहराया तिरंगा, पीएम मोदी बोले- 'भारत को आप पर गर्व है'

भारतीय भारोत्तोलक (weightlifter) मीराबाई चानू ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का मान बढ़ाया है। आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की 49 किलोग्राम भारोत्तोलन श्रेणी में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने रजत पदक (Silver Medal) अपने नाम किया है। इस बड़ी उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि चानू का अटूट संकल्प और निरंतरता पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

पीएम मोदी ने जताया उत्साह, चानू की मेहनत को किया सलाम

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के माध्यम से मीराबाई चानू की इस जीत का जश्न मनाया। प्रधानमंत्री ने चानू की इस उपलब्धि को बेहद खास बताया और कहा कि भारत को उन पर गर्व है। पीएम मोदी ने उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं। चानू की यह जीत न केवल उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, बल्कि यह भारतीय खेलों के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि है।

मैदान पर कैसे जीता सिल्वर? देखें चानू का दमदार प्रदर्शन

मीराबाई चानू ने कुल 198 किलोग्राम वजन उठाकर एशियन गेम्स में अपना पहला पदक हासिल किया। इस मुकाबले में उन्होंने अपनी तकनीक और ताकत का लोहा मनवाया। उनके प्रदर्शन का विवरण इस प्रकार है:

  • स्नैच (Snatch): चानू ने अपने तीनों प्रयासों में सफलता हासिल की, जिसमें उन्होंने क्रमशः 83kg, 85kg और 87kg वजन उठाया।
  • क्लीन एंड जर्क (Clean and Jerk): उन्होंने 107kg के साथ शुरुआत की और अपने दूसरे प्रयास में 111kg का वजन सफलतापूर्वक उठाकर कुल भार को 198kg तक पहुंचा दिया।

इस मुकाबले में उत्तर कोरिया की री सोंग गुम ने 215kg के कुल वजन के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि विजायाना ने कांस्य पदक पर कब्जा किया।

रिकॉर्ड्स की झड़ी: कर्णम मल्लेश्वरी के बाद रचा इतिहास

मीराबाई चानू का करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। वह टोक्यो 2020 ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट और तीन बार की कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन रह चुकी हैं। चानू अब कर्णम मल्लेश्वरी के बाद दूसरी ऐसी भारतीय भारोत्तोलक बन गई हैं, जिन्होंने ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, वर्ल्ड चैंपियनशिप, एशियन चैंपियनशिप और कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप—इन सभी प्रमुख वैश्विक मंचों पर पदक जीतकर एक अभूतपूर्व रिकॉर्ड बनाया है।

चुनौतियों को मात देकर की शानदार वापसी

यह रजत पदक चानू के लिए बेहद खास है क्योंकि वह पिछले एशियन गेम्स में पदक से चूक गई थीं। 2023 के हांगझू एशियन गेम्स में चोट के कारण वह अपने अंतिम 'क्लीन एंड जर्क' प्रयास को पूरा नहीं कर पाई थीं, जिससे वह चौथे स्थान पर रहीं। हालांकि, 2026 के ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के बाद, उन्होंने एशियन गेम्स में भी अपनी वापसी को यादगार बना दिया है।

मणिपुर की बेटी का संघर्षपूर्ण सफर

मणिपुर के नोंगपोक काकचिंग में जन्मी 32 वर्षीय मीराबाई ने 2008 में औपचारिक रूप से भारोत्तोलन का प्रशिक्षण लेना शुरू किया था। एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर दुनिया के सबसे बड़े खेल मंचों पर तिरंगा लहराने तक का उनका सफर नई पीढ़ी के एथलीटों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।

एशियन गेम्स की पदक तालिका की बात करें तो चीन 65 पदकों के साथ शीर्ष पर है, जबकि भारत अब तक 11 पदकों के साथ 11वें स्थान पर बना हुआ है।

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