सुपौल: दुर्गा पूजा से लापता मजदूर का शव मिला, इलाके में सनसनी
बिहार के सुपौल में दुर्गा पूजा के दौरान लापता हुए मजदूर उपेंद्र सदा का शव खेरदा नदी के किनारे मिला है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।

बिहार के सुपौल में लापता मजदूर की मौत की खबर ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ दुर्गा पूजा के दौरान लापता हुए एक मजदूर का शव खेरदा नदी के किनारे मिला है। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
खेरदा नदी के पास मिला शव
मृतक की पहचान उपेंद्र सदा के रूप में हुई है, जो पिपरा थाना क्षेत्र के हटवारिया पंचायत के वार्ड नंबर 15 के निवासी थे। मंगलवार को स्थानीय लोगों ने खेरदा नदी के किनारे, विश्वनाथ मंदिर के पास उपेंद्र का शव देखा। बताया जा रहा है कि जब ग्रामीण अपने खेतों की ओर जा रहे थे, तब उनकी नजर शव पर पड़ी, जिसके बाद तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी गई।
दुर्गा पूजा की नवमी से लापता थे उपेंद्र
उपेंद्र सदा पेशे से मजदूर और लकड़हारा थे। वे काम के सिलसिले में कुनहेत गांव गए थे, लेकिन दुर्गा पूजा की नवमी के बाद से ही उनका कोई सुराग नहीं मिल रहा था। परिजनों ने उनकी काफी तलाश की और स्थानीय थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। गांव वालों ने भी उन्हें खोजने में पूरी मदद की थी, लेकिन मंगलवार को मिली इस खबर ने परिवार की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पिपरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी किशोर कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भी मौके पर बुलाया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य और नमूने एकत्र किए हैं ताकि मौत के कारणों का सटीक पता लगाया जा सके। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पुलिस का बयान और जांच की स्थिति
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। स्पेशल क्राइम और साइबर सेल के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) गौरव गुप्ता ने मंगलवार दोपहर को बताया कि:
"यह एक संवेदनशील मामला है। मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच पूरी होने के बाद ही तथ्यों का खुलासा किया जाएगा।"
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
उपेंद्र सदा के निधन से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वे स्वर्गीय मुनार सदा के पुत्र थे। उनके पीछे उनकी पत्नी रुकिया देवी और छह बच्चे हैं, जिनमें से तीन विवाहित हैं और तीन अविवाहित हैं। इस अचानक हुई मौत से पूरे गांव में शोक की लहर है और लोग इस घटना से स्तब्ध हैं।