मिथिला का गौरव: दरभंगा में 54वें विभूति पर्व की तैयारियां तेज
दरभंगा के एमएलएसएम कॉलेज में 22 से 24 नवंबर तक 54वां मिथिला विभूति पर्व मनाया जाएगा। जानें इस सांस्कृतिक उत्सव की खास बातें।

दरभंगा के एमएलएसएम कॉलेज में इस साल मिथिला की समृद्ध संस्कृति, कला और साहित्य का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। विद्यापति सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित होने वाले 54वें मिथिला विभूति पर्व की तैयारियां अब तेज हो गई हैं। यह तीन दिवसीय भव्य समारोह आगामी 22, 23 और 24 नवंबर को आयोजित किया जाएगा।
समारोह की सफलता के लिए समीक्षा बैठक
आयोजन को सफल बनाने के लिए सोमवार की देर शाम संस्थान के प्रधान कार्यालय परिसर में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष और कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शशिनाथ झा ने की। बैठक के दौरान विभिन्न समितियों द्वारा किए जा रहे कार्यों और उनकी प्रगति की गहन समीक्षा की गई ताकि समारोह के दौरान व्यवस्था सुचारू रहे।
क्या होगा इस उत्सव में खास?
संस्थान के महासचिव डॉ. बैद्यनाथ चौधरी 'बैजू' ने बताया कि इस पर्व का मुख्य उद्देश्य मिथिला की सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत का संरक्षण करना और नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली परंपराओं से रूबरू कराना है। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में कई विशेष आकर्षण होंगे:
- कला प्रदर्शनी: मिथिला की प्रसिद्ध पेंटिंग और पारंपरिक कलाकृतियों का भव्य प्रदर्शन किया जाएगा।
- सांस्कृतिक स्टॉल: विभिन्न स्टॉल्स के माध्यम से मिथिला की कला, संस्कृति और खानपान की विविधता को प्रदर्शित किया जाएगा।
- पारंपरिक व्यंजन: मेहमानों को मिथिला के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखने का अवसर मिलेगा।
विभूतियों के नाम से सजेगी दीर्घाएं
मिथिला की महान विभूतियों के योगदान को जनमानस तक पहुंचाने के लिए एक अनूठी पहल की गई है। समारोह के दौरान बनाई जाने वाली विभिन्न दीर्घाओं (Galleries) का नामकरण मिथिला की उन महान हस्तियों के नाम पर किया जाएगा, जिन्होंने इस क्षेत्र की पहचान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।