मोदी और पोलैंड के पीएम तुस्क का बड़ा बयान: आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की अपील

पीएम मोदी और पोलैंड के पीएम डोनाल्ड तुस्क ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए वैश्विक समुदाय से आतंकवादियों के सुरक्षित ठिकानों को खत्म करने की अपील की।

Ghazala Saheb22 October 20262 min read0 viewsBihar
मोदी और पोलैंड के पीएम तुस्क का बड़ा बयान: आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की अपील

भारत और पोलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड तुस्क ने नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद के खिलाफ बेहद कड़ा रुख अपनाया और पूरी दुनिया से आतंकवादियों के सुरक्षित ठिकानों और उनके बुनियादी ढांचे को खत्म करने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।

आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' का संदेश

दोनों नेताओं ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की निंदा की। संयुक्त भारत-पोलैंड संयुक्त बयान के अनुसार, उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के किसी भी रूप का कोई औचित्य नहीं हो सकता, चाहे उसका कारण कुछ भी हो। इसमें विशेष रूप से सीमा पार आतंकवाद पर भी जोर दिया गया।

बैठक के दौरान कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई:

  • पहलगाम हमला: दोनों नेताओं ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की।
  • UNSC प्रतिबंध: उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 1267 प्रतिबंध समिति द्वारा सूचीबद्ध आतंकवादी संस्थाओं के खिलाफ मजबूत कार्रवाई की मांग की।
  • CCIT को अपनाना: दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र में कॉम्प्रिहेंसिव कन्वेंशन ऑन इंटरनेशनल टेररिज्म (CCIT) को जल्द से जल्द अपनाने का आह्वान किया।
  • फंडिंग पर रोक: आतंकवाद के वित्तपोषण (Terrorism Financing) के नेटवर्क को तोड़ने और आतंकवादियों को मिलने वाली पनाहगाहों को खत्म करने पर जोर दिया गया।

संयुक्त राष्ट्र में सुधार और भारत का समर्थन

बैठक में वैश्विक शासन के ढांचे पर भी गंभीर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी और पीएम तुस्क ने संयुक्त राष्ट्र के संरचनात्मक सुधारों की आवश्यकता पर बल दिया। पोलैंड ने भारत की वैश्विक भूमिका को स्वीकार करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के विस्तार का समर्थन किया।

"पोलैंड ने एक अधिक समावेशी, सुधारे गए और विस्तारित UNSC में भारत की सदस्यता के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया है, साथ ही 2028-29 के लिए UNSC में गैर-स्थायी सीट के लिए भारत की उम्मीदवारी का भी समर्थन दोहराया है।"

यूक्रेन संकट और वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर चिंता

यूक्रेन में जारी संघर्ष पर दोनों नेताओं ने "गहरी चिंता" व्यक्त की। उन्होंने इस युद्ध के कारण हो रहे मानवीय संकट और इसके वैश्विक प्रभावों पर चर्चा की। नेताओं ने कहा कि यूक्रेन संकट का असर पूरी दुनिया की खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ रहा है, जिसका सबसे बुरा प्रभाव ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) पर देखा जा रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुरूप शांति बहाली की आवश्यकता पर जोर दिया।

इंडो-पैसिफिक और भविष्य की रणनीतिक साझेदारी

भारत और पोलैंड ने एक स्वतंत्र, खुले और शांतिपूर्ण इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के महत्व को रेखांकित किया। भारत ने पोलैंड को इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव (IPOI) में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया। इसके अलावा, दोनों देशों ने 'विसेग्राद ग्रुप' (V4) के साथ भारत के जुड़ाव को और गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई, जिससे भविष्य में आपसी हितों पर आधारित एक मजबूत गठबंधन बन सके।

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