फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट का विस्तार: CM मोहन यादव ने फैसले को सराहा
केंद्र सरकार ने फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट योजना को 2031 तक बढ़ाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्र सरकार के एक बड़े फैसले का पुरजोर स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (FTSCs) योजना का विस्तार महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों के मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए एक क्रांतिकारी कदम है।
न्याय प्रक्रिया में आएगी तेजी
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर इस निर्णय को "ऐतिहासिक" बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा लिया गया यह फैसला समाज के सबसे संवेदनशील वर्गों को सुरक्षा और न्याय प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सीएम ने जोर देकर कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। केंद्र के इस निर्णय से मामलों के निपटारे की प्रक्रिया में काफी तेजी आएगी और पीड़ितों को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
850 फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का होगा संचालन
केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को दिल्ली में हुई बैठक में इस योजना को 31 मार्च, 2031 तक, यानी अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाने और मजबूत करने की मंजूरी दी है। इस योजना के तहत देश भर में 850 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट संचालित किए जाएंगे।
- वर्तमान में 779 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट कार्यरत हैं।
- इनमें 399 विशेष POCSO (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस) कोर्ट शामिल हैं।
- बढ़ती मांग और लंबित मामलों को देखते हुए नए जिलों को भी इस नेटवर्क में जोड़ा जाएगा।
- यह योजना देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रभावी रूप से लागू की जाएगी।
अपराधियों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस'
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के इस फैसले पर जानकारी देते हुए कहा कि सरकार महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज में सुरक्षा सुनिश्चित करना और अपराधियों को कड़ी सजा दिलाना है।
"जब भी समाज में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार या अगली पीढ़ी के कल्याण के लिए खतरा पैदा होता है, हमारी सरकार निर्णायक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।" - अश्विनी वैष्णव
वैष्णव ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार मौजूदा कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने के साथ-साथ जहां आवश्यक हो, वहां नए कानून लाने और त्वरित न्याय प्रदान करने के तंत्र को और अधिक सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।