मोकामा में नए डबल लाइन रेलवे ब्रिज का आगाज, सिक्किम-महानंदा एक्सप्रेस ने रचा इतिहास

बिहार के मोकामा में रेल यात्रा के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। ऐतिहासिक राजेंद्र सेतु के समानांतर निर्मित नए डबल-लाइन रेलवे ब्रिज का परिचालन आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है। 5 अक्टूबर 2026 की तड़के करीब 1:40 बजे सिक्किम-महानंदा एक्सप्रेस (15483) इस नए ढांचे से गुजरने वाली पहली ट्रेन बनी, जिससे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रेल संपर्क को एक नई मजबूती मिली है।
सुरक्षा जांच के बाद मिली हरी झंडी
इस महत्वपूर्ण परियोजना को चालू करने से पहले सुरक्षा मानकों की कड़ाई से जांच की गई। कोलकाता स्थित रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS), पूर्वी सर्कल के आयुक्त गुरु प्रकाश ने 3 और 4 अक्टूबर 2026 को दो दिवसीय गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद सुरक्षा मंजूरी मिलते ही परिचालन शुरू करने की अनुमति दे दी गई। पूर्व मध्य रेलवे की मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) सरस्वती चंद्र ने पुष्टि की कि CRS से आधिकारिक प्राधिकरण मिलते ही ट्रेन संचालन शुरू कर दिया गया।
2400 करोड़ की लागत से तैयार हुआ आधुनिक ढांचा
इस विशाल परियोजना का निर्माण एजेंसी IRCON द्वारा किया गया है। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 2,400 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। परियोजना की तकनीकी विशेषताओं पर नजर डालें तो:
- कुल लंबाई: यह पूरा प्रोजेक्ट लगभग 15.5 किलोमीटर लंबा है।
- मुख्य पुल: गंगा नदी पर 1.9 किलोमीटर लंबा मुख्य पुल बनाया गया है।
- वायडक्ट: इसमें 3.6 किलोमीटर का रेल वायाडक्ट शामिल है।
- स्थान: यह नया ढांचा मौजूदा राजेंद्र सेतु से पटना की ओर लगभग 50 मीटर की दूरी पर स्थित है।
- रफ्तार: इस नए लाइन पर ट्रेनें 110 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी।
कनेक्टिविटी और क्षमता में जबरदस्त इजाफा
नए पुल के चालू होने से अब इस सेक्शन में तीन कार्यात्मक रेल लाइनें उपलब्ध हो गई हैं। रेलवे अधिकारियों का अनुमान है कि इससे रेल यातायात की क्षमता में लगभग 2.5 गुना की वृद्धि होगी। यह बुनियादी ढांचा पटना, बेगूसराय, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, सुपौल, गया, समस्तीपुर और सहरसा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी को काफी बेहतर बनाएगा।
इस नए पुल के शुरू होने से न केवल उत्तर और दक्षिण बिहार, बल्कि भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों के बीच रेल लिंक भी काफी मजबूत हो जाएगा।
यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
इस परियोजना के तकनीकी कार्यों और नॉन-इंटरलॉकिंग कार्यों को पूरा करने के लिए 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 के बीच भारी 'मेगा-ब्लॉक' लिया गया था, जिसके कारण 383 ट्रेनों को रद्द या डायवर्ट करना पड़ा था। अब सेवाओं के सामान्य होने से 300 से अधिक मेल और पैसेंजर ट्रेनों की कार्यक्षमता बहाल हो जाएगी, जिससे यात्रियों को होने वाली लंबी प्रतीक्षा और असुविधा से मुक्ति मिलेगी। इस सफल उद्घाटन में सोनपुर मंडल के डीआरएम अमित सरन और दानापुर के डीआरएम विनोद कुमार सहित पूर्व मध्य रेलवे के वरिष्ठ नेतृत्व ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।