मोतिहारी में करोड़ों की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर क्राइम गैंग का भंडाफोड़
मोतिहारी में करोड़ों की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर क्राइम गैंग का पर्दाफाश। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में दस्तावेज बरामद किए।

बिहार की साइबर अपराध और सुरक्षा इकाई ने मोतिहारी पुलिस के साथ मिलकर एक बड़े अंतरराज्यीय मोतिहारी साइबर क्राइम गैंग का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह निवेश के नाम पर भोले-भाले नागरिकों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में एक मुख्य सदस्य को गिरफ्तार किया है और भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और बैंकिंग उपकरण बरामद किए हैं।
साइकिल की दुकान के पीछे छिपा था ठगी का अड्डा
तकनीकी विश्लेषण से मिली सूचना के आधार पर, पुलिस ने डुमरियाघाट थाना क्षेत्र के घाघरा टोला स्थित 'वर्षा साइकिल स्टोर' पर छापेमारी की। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने दुकान के मालिक रामबाबू कुमार (जिसे रामबाबू कुमार साह के नाम से भी जाना जाता है) को हिरासत में लिया। रामबाबू मूल रूप से मुजफ्फरपुर के साहेबगंज, बड़ा खुर्शिदा का रहने वाला है।
पांच राज्यों में फैला था ठगी का जाल
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस गिरोह का नेटवर्क केवल बिहार तक सीमित नहीं था। इस गिरोह से जुड़े एक ICICI बैंक खाते में 19 जनवरी, 2026 को साइबर धोखाधड़ी के लगभग 85 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। यह बैंक खाता सीधे तौर पर पांच राज्यों में दर्ज साइबर अपराध की शिकायतों से जुड़ा हुआ पाया गया है:
- तमिलनाडु
- मध्य प्रदेश
- पश्चिम बंगाल
- तेलंगाना
- बिहार
निवेश के नाम पर देते थे चूना
यह गिरोह लोगों को भारी मुनाफे और उच्च निवेश रिटर्न का लालच देकर जाल में फंसाता था। ठगी को अंजाम देने और अवैध लेनदेन को आसान बनाने के लिए ये अपराधी मासूम नागरिकों के आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी और बैंक पासबुक का गलत इस्तेमाल करते थे। पुलिस से बचने के लिए ये अपराधी यह झूठी रिपोर्ट भी दर्ज करा देते थे कि उनके दस्तावेज और मोबाइल फोन खो गए हैं।
बरामद किए गए सामान की सूची
छापेमारी के दौरान पुलिस को अपराध में इस्तेमाल होने वाले कई महत्वपूर्ण उपकरण और दस्तावेज मिले हैं, जिनमें शामिल हैं:
- दो मोबाइल फोन और एक सिम कार्ड
- एक स्वाइप मशीन और एक क्यूआर स्कैनर
- 14 एटीएम कार्ड और 4 चेकबुक
- 11 बैंक पासबुक
- 9 आधार कार्ड, 3 पैन कार्ड और 2 वोटर आईडी कार्ड
- ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण प्रमाण पत्र (RC) और ई-श्रम कार्ड
फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (साइबर) प्रीतिश कुमार ने पुष्टि की है कि मोतिहारी साइबर थाना में इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में छापेमारी कर रही है, जिनकी पहचान रेतेंद्र राय, कृष्णा यादव और सुनील पटेल के रूप में हुई है।