मोतिहारी: ट्रांसफार्मर ठीक करते समय इलेक्ट्रीशियन की दर्दनाक मौत

बिहार के मोतिहारी जिले से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ ट्रांसफार्मर की मरम्मत के दौरान 11,000 वोल्ट का करंट लगने से एक 28 वर्षीय इलेक्ट्रीशियन की जान चली गई। इस हादसे ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लापरवाही से हुई मौत? परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक की पहचान बिशनपुरवा गांव के निवासी आलोक कुमार के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, आलोक को बिजली विभाग द्वारा तुर्कौलिया थाना क्षेत्र के बहरुपिया गांव में ट्रांसफार्मर की मरम्मत के लिए बुलाया गया था।
हादसे के बाद मृतक की पत्नी, नीतू कुमारी ने बिजली विभाग पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि मरम्मत का काम एक पूर्व-अनुमोदित शटडाउन के तहत किया जा रहा था और मौके पर एक जूनियर इंजीनियर भी मौजूद था। लेकिन, सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किए बिना ही अचानक ग्रिड से बिजली की आपूर्ति बहाल कर दी गई, जिससे आलोक को जोरदार झटका लगा और उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
सड़क पर प्रदर्शन और घंटों लगा रहा जाम
इस घटना से गुस्साए स्थानीय निवासियों और मृतक के परिजनों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने शव को मोतिहारी-अरेराज मार्ग पर तुर्कौलिया चौक पर रखकर सड़क जाम कर दी। इस प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लगभग दो घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें निम्नलिखित थीं:
- मृतक के परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए।
- परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
प्रशासनिक हस्तक्षेप और मुआवजे का आश्वासन
बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए तुर्कौलिया थाना प्रभारी, बिजली विभाग के एसडीओ राजीव रंजन और तुर्कौलिया अंचल अधिकारी प्रभात कुमार तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत करने का प्रयास किया।
अंचल अधिकारी प्रभात कुमार ने आश्वासन दिया कि सरकारी नियमों के तहत पीड़ित परिवार को 4 लाख रुपये की मुआवजा राशि और अन्य विभागीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस दुखद घटना पर मृतक के चचेरे भाई और पूर्व विधायक राजेंद्र कुमार राम ने भी अपना पक्ष रखा है।