MP कैबिनेट का बड़ा फैसला: ₹23,300 करोड़ के विकास प्रस्तावों को मंजूरी
मध्य प्रदेश कैबिनेट ने विकास, वन संरक्षण और सिंचाई के लिए ₹23,300 करोड़ से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी दी है। जानें क्या है पूरा प्लान।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। भोपाल में आयोजित कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बुनियादी ढांचे, वन संरक्षण और सिंचाई सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए ₹23,300 करोड़ से अधिक के विभिन्न विकास प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी है।
वन और वन्यजीव संरक्षण पर सबसे बड़ा निवेश
कैबिनेट के फैसलों में सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा वन विकास और वन्यजीव संरक्षण के लिए सुरक्षित रखा गया है। एमएसएमई मंत्री चेतन्या कश्यप ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि स्वीकृत राशि का एक बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र के लिए समर्पित है।
वन विभाग से जुड़ी प्रमुख मंजूरियां इस प्रकार हैं:
- ₹17,240.55 करोड़: वन विकास और वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी नौ मौजूदा योजनाओं को अप्रैल 2026 से मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए।
- ₹1,623.79 करोड़: नेशनल पार्क की स्थापना के लिए।
- ₹1,994.30 करोड़: क्षतिपूरक वनीकरण (Compensatory Afforestation) कार्यों के लिए।
- ₹1,107.06 करोड़: टिम्बर उत्पादन बढ़ाने के लिए।
- ₹604.23 करोड़: चिड़ियाघर और वन्यजीव बचाव केंद्रों के संचालन के लिए।
सिंचाई और शहरी बुनियादी ढांचे का विस्तार
किसानों की खुशहाली और शहरों की आधुनिक जरूरतों को देखते हुए सरकार ने सिंचाई और शहरी विकास पर विशेष ध्यान दिया है।
सिंचाई परियोजनाओं को मिलेगी गति
पन्ना, विदिशा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और उज्जैन जैसे महत्वपूर्ण जिलों में सिंचाई परियोजनाओं के सुचारू संचालन के लिए ₹4,103.73 करोड़ का बजट मंजूर किया गया है। यह राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए आवंटित की गई है।
शहरी विकास पर विशेष ध्यान
शहरी क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधारने के लिए 'मुख्यमंत्री शहरी क्षेत्र बुनियादी ढांचा विकास योजना' के तहत ₹700 करोड़ अतिरिक्त मंजूर किए गए हैं। इस राशि का उपयोग पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता, सड़कों, स्ट्रीट लाइटिंग, जल निकासी और सामुदायिक भवनों के निर्माण जैसे कार्यों में किया जाएगा।
स्वास्थ्य, प्रशासन और संस्कृति को मजबूती
कैबिनेट ने केवल बुनियादी ढांचे ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुधारों पर भी बड़े निर्णय लिए हैं:
- स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश: चिकित्सा और स्वास्थ्य क्षेत्र में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए ₹610.51 करोड़ की सहायता योजना को मंजूरी दी गई है, जिससे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा।
- लोकायुक्त का सुदृढ़ीकरण: लोकायुक्त संगठन के सुचारू कामकाज और प्रशासनिक खर्चों के लिए ₹573.85 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- सांस्कृतिक संरक्षण: जबलपुर स्थित राजा शंकर शाह-कुंवर रघुनाथ शाह जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय के बेहतर रखरखाव के लिए ₹83.18 लाख और एक नियमित 'असिस्टेंट रिसर्च ऑफिसर' के पद के सृजन को मंजूरी दी गई है।