पुलिस स्मृति दिवस: सीएम मोहन यादव ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित 'पुलिस स्मृति दिवस' कार्यक्रम में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने उन जांबाज पुलिसकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने देश की सेवा और सुरक्षा के दौरान अपने प्राणों की आहुति दे दी।
1959 की ऐतिहासिक घटना और इस दिन का महत्व
मुख्यमंत्री ने इस विशेष दिन के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 21 अक्टूबर का दिन पुलिसकर्मियों के बलिदान को याद करने के लिए मनाया जाता है। इसकी परंपरा 1959 में शुरू हुई थी, जब लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों के हमले के दौरान सीआरपीएफ (CRPF) के 10 जवानों ने वीरतापूर्वक लड़ते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। तभी से इस घटना की स्मृति में पूरे देश में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाने लगा है।
नक्सल मुक्त मध्य प्रदेश के लिए पुलिस का योगदान
मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में पुलिस बल द्वारा किए गए कार्यों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य की सुरक्षा में पुलिस का योगदान अतुलनीय है।
"मध्य प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने में हमारे पुलिस कर्मियों का योगदान सराहनीय है और यह प्रशंसा का पात्र है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारे जवानों का बलिदान एक बड़ी उपलब्धि है।"
कानून व्यवस्था और सुरक्षा की रीढ़
कार्यक्रम के दौरान सीएम ने देश की कानून व्यवस्था को बनाए रखने में सशस्त्र बलों और पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश में विभिन्न गतिविधियों के सुचारू संचालन और शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और सशस्त्र बल रीढ़ की हड्डी की तरह काम करते हैं।
मुख्यमंत्री ने एक बार फिर उन सभी वीर पुलिसकर्मियों को नमन किया जिन्होंने राष्ट्र की सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है।