MP में बिजली संकट: जीतू पटवारी का तीखा हमला, CM बोले- जल्द सुधरेगी स्थिति

मध्य प्रदेश में बिजली संकट को लेकर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य में गहराते बिजली संकट को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पटवारी का दावा है कि प्रदेश के कई गांवों में पिछले तीन से चार दिनों से लगातार बिजली गुल है, जिससे जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
"गरीबों के बिल ज्यादा, सिंधिया के महल का बिल कम": पटवारी का बड़ा आरोप
कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने बिजली व्यवस्था की निगरानी और बिलों की दरों पर सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर निशाना साधते हुए एक बड़ा आरोप लगाया। पटवारी ने कहा कि सिंधिया के महल का बिजली बिल उन गरीब परिवारों के बिल से भी कम है जो गांवों में छोटी झोपड़ियों में रहते हैं।
पटवारी ने कहा, "गरीब परिवारों को हजारों रुपये के बिल मिल रहे हैं, फिर भी उनके घरों में अंधेरा छाया हुआ है। जबकि ज्योतिरादित्य सिंधिया के महल का बिजली बिल गरीबों की झोपड़ियों के बिल से भी कम है।"
उन्होंने राज्य के बिजली मंत्री की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए और कहा कि लोग पिछले पांच महीनों से बिजली मंत्री को ढूंढ रहे हैं। पटवारी ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग में भारी कुप्रबंधन है और लोड शेडिंग व मरम्मत के नाम पर अंधेरा फैलाया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि अगर राज्य में बिजली का अधिशेष (surplus) है, तो गांव अंधेरे में क्यों हैं? उन्होंने यह भी पूछा कि राज्य की बिजली दिल्ली मेट्रो को बेची जा रही है, लेकिन यहां के गांव अंधेरे में क्यों हैं? उन्होंने कहा कि यहाँ बिजली सबसे कम लागत पर पैदा होती है, फिर भी गांवों में बिजली क्यों नहीं है?
CM मोहन यादव ने दी सफाई: 1-2 दिनों में सामान्य होगी स्थिति
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बिजली की मांग में हुई वृद्धि को इस संकट का मुख्य कारण बताया। उन्होंने कहा कि बारिश के बदलते पैटर्न और कई क्षेत्रों में धान की बुवाई में हुई देरी के कारण बिजली की मांग अचानक बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए कहा:
- गुजरात के सरदार सरोवर प्रोजेक्ट से 800 मेगावाट बिजली प्राप्त की जा रही है।
- पंजाब और उत्तर प्रदेश से भी अतिरिक्त बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
- अगले एक या दो दिनों में स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार बिजली की आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है ताकि स्थिति को जल्द से जल्द नियंत्रित किया जा सके।