सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान: ₹63,296 करोड़ से बिछेगा सड़कों का जाल

मध्य प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाने के लिए सीएम मोहन यादव ने ₹63,296 करोड़ के 5 नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर को मंजूरी दी।

Ghazala Saheb5 November 20262 min read0 viewsBihar
सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान: ₹63,296 करोड़ से बिछेगा सड़कों का जाल

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य के बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना का खाका तैयार किया है। भोपाल स्थित मुख्यमंत्री आवास में आयोजित मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) की 49वीं बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में, मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों में तेजी लाने और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए कई बड़े फैसले लिए।

इस बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय राज्य में ₹63,296 करोड़ की अनुमानित लागत से पांच नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव है। ये कॉरिडोर कुल 1,398 किलोमीटर लंबे होंगे, जो राज्य के विभिन्न हिस्सों को आपस में जोड़कर विकास की गति को तेज करेंगे।

इन 5 प्रमुख ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का होगा निर्माण

राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित ये पांच चार-लेन, एक्सेस-कंट्रोल वाले कॉरिडोर निम्नलिखित मार्गों पर बनाए जाएंगे:

  • भोपाल-मंदसौर: 258 किमी
  • सागर-सतना: 227 किमी
  • जबलपुर-आशपुर: 358 किमी
  • भोपाल-ग्वालियर: 320 किमी
  • कटनी-सिंगरौली: 235 किमी

"हर गांव और शहर तक पहुंचेगी पक्की सड़क"

सड़क नेटवर्क के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा,

"सड़कें विकास की जीवन रेखा हैं। मध्य प्रदेश का कोई भी गांव, कस्बा या शहर बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से वंचित नहीं रहना चाहिए। हर गांव और शहर को बारहमासी सड़कों से जोड़ना राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य है।"

उन्होंने आगे बताया कि राज्य में स्टेट हाईवे, फोर-लेन, सिक्स-लेन और एइट-लेन सड़कों के साथ-साथ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के माध्यम से एक आधुनिक सड़क नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। इससे न केवल यात्रा सुगम होगी, बल्कि राज्य की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लोक निर्माण विभाग (PWD), शहरी प्रशासन, ग्रामीण विकास और उद्योग विभाग के साथ मिलकर काम करें ताकि सड़कों का एक व्यापक जाल बिछाया जा सके।

'विकसित मध्य प्रदेश संकल्प पथ' और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

बैठक के दौरान प्रशासनिक और विकास संबंधी कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई:

  • हाइवे फंड का नया नाम: MPRDC के प्रस्तावित हाईवे फंड का नाम अब बदलकर 'विकसित मध्य प्रदेश संकल्प पथ' कर दिया गया है।
  • टोल में बड़ी राहत: कृषि कार्यों में उपयोग किए जाने वाले कंबाइन हार्वेस्टर को निगम द्वारा संचालित सभी टोल प्लाजा पर टोल शुल्क से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है।
  • प्रशासनिक विस्तार: निगम की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए चीफ इंजीनियर के दो, जनरल मैनेजर के तीन और डिप्टी जनरल मैनेजर के पांच नए पद सृजित करने का निर्णय लिया गया है।
  • परिसंपत्ति अधिग्रहण: भोपाल के अरेरा हिल्स में स्थित मध्य प्रदेश ऑयलसीड्स फेडरेशन (PAM बिल्डिंग) के अधिग्रहण को भी मंजूरी दी गई।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी चल रहे सड़क परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए समन्वित प्रयास किए जाने चाहिए।

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