मैसूर दशहरा 2026: ड्रोन का रिकॉर्ड तोड़ शो और 25 दिनों तक जगमगाएगी रोशनी

Ghazala Saheb21 October 20262 min read0 viewsBihar
मैसूर दशहरा 2026: ड्रोन का रिकॉर्ड तोड़ शो और 25 दिनों तक जगमगाएगी रोशनी

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मैसूर दशहरा के भव्य और ऐतिहासिक आयोजन की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि मैसूर दशहरा 2026 के लिए विशेष रूप से रिकॉर्ड तोड़ ड्रोन शो और 25 दिनों तक चलने वाला एक भव्य लाइट शो आयोजित किया जाएगा, जो इस उत्सव को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

ड्रोन और लाइट शो का महाकुंभ

मैसूर हवाई अड्डे पर मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार का उत्सव तकनीक और परंपरा का एक अनूठा संगम होगा। उन्होंने एक ऐसे ड्रोन शो का उल्लेख किया जिसने आसमान में उड़ने वाले ड्रोनों की संख्या के मामले में एक नया रिकॉर्ड बनाया है। इसके साथ ही, पूरे 25 दिनों तक रात के समय एक शानदार लाइट शो का आयोजन किया जाएगा, जिससे पूरा शहर रोशनी से सराबोर रहेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि उत्सव के अंतिम तीन दिनों में विशेष हवाई प्रदर्शन (aerial displays) देखने को मिलेंगे और टॉर्चलाइट परेड इस आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण होगी।

परंपरा और धार्मिक महत्व

शिवकुमार ने त्योहार के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कर्नाटक की समृद्ध विरासत और संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने बताया, "पहले महाराजा हाथी पर सवारी करते थे, लेकिन अब देवी चामुंडेश्वरी हाथी पर विराजमान होकर यात्रा करेंगी।" इस वर्ष के उत्सव के लिए एक नए हाथी को भी शामिल किया गया है।

मुख्यमंत्री ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा, "पूरे देश और विदेशों से लोग इस भव्य दशहरा उत्सव को देख रहे हैं। मैं प्रार्थना करता हूँ कि माँ चामुंडेश्वरी सभी को अपना आशीर्वाद दें और सभी के दुखों को दूर कर मंगलमय जीवन प्रदान करें।"

दिग्गज मेहमान और शाही परंपरा

इस भव्य आयोजन में तेलंगाना और केरल के मुख्यमंत्रियों को भी आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा, कर्नाटक के नए राज्यपाल को बन्नीमंटप में होने वाली टॉर्चलाइट परेड में शामिल होने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है, जो इस उत्सव के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण होगा।

मैसूर के शाही परिवार के प्रमुख और भाजपा सांसद यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार भी इन समारोहों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। उत्सव के दौरान ऐतिहासिक मैसूर पैलेस के सामने पारंपरिक अनुष्ठान, स्वर्ण हौदा और भव्य जुलूस देखने को मिलते हैं, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र होते हैं।

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