नालंदा: प्राकृतिक खेती के लिए 150 हेक्टेयर का चयन, कृषि बैठक में बड़े फैसले

नालंदा जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय सभागार में शनिवार को उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में नालंदा कृषि टास्क फोर्स बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले में कृषि के आधुनिकीकरण, प्राकृतिक खेती के विस्तार और डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में भविष्य की योजनाओं और किसानों के कल्याण के लिए कई अहम निर्णय लिए गए।
प्राकृतिक और पारंपरिक खेती पर विशेष जोर
बैठक के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु तीन प्रखंडों की पांच पंचायतों में कुल 150 हेक्टेयर भूमि का चयन किया गया है। इसके साथ ही, पारंपरिक कृषि विकास योजना के तहत भी छह प्रखंडों की 18 पंचायतों को चिन्हित किया गया है।
रबी मौसम की तैयारियों पर चर्चा करते हुए बताया गया कि:
- राज्य स्तर पर रबी महाभियान 12 अक्टूबर से शुरू होगा।
- जिला स्तर पर रबी अभियान का आगाज 15 अक्टूबर से किया जाएगा।
- रबी फसलों के लिए लक्ष्य निर्धारित कर प्रखंडों को आवंटित कर दिया गया है।
डिजिटल क्रॉप सर्वे और उर्वरक की उपलब्धता
डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि नालंदा जिले को कुल 12,19,116 प्लॉटों के सर्वे का लक्ष्य मिला है, जिसमें से अब तक 11,03,286 प्लॉटों का कार्य पूरा कर लिया गया है। अधिकारियों ने निर्देश दिया है कि 15 अक्टूबर तक शत-प्रतिशत सर्वे कार्य सुनिश्चित किया जाए।
उर्वरक की उपलब्धता के मामले में जिले में कोई कमी नहीं है, लेकिन उर्वरक की कालाबाजारी और छापेमारी पर चिंता जताई गई। कृषि समन्वयकों द्वारा 317 प्रतिष्ठानों की छापेमारी की गई, जिसमें केवल 5 अनियमितताएं पाई गईं। इस पर उप विकास आयुक्त ने असंतोष व्यक्त किया और मामले को संदिग्ध बताया।
आधुनिक तकनीक और मिट्टी स्वास्थ्य
खेती को आधुनिक बनाने के लिए आगामी वित्तीय वर्ष में कई नई योजनाओं का प्रस्ताव है:
- कृषि ड्रोन: फसलों पर कीटनाशकों और तरल उर्वरकों के छिड़काव के लिए ड्रोन तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
- उद्यान कार्यक्रम: नारियल पौधा वितरण और बीज मसाला कार्यक्रम प्रस्तावित है।
- मिट्टी परीक्षण: जिले में 5618 मिट्टी के नमूनों का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। उप विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि इन नमूनों का विश्लेषण कर जल्द से जल्द किसानों को स्वायल हेल्थ कार्ड वितरित किए जाएं।
किसानों के लिए भ्रमण और आगामी बैठक
कृषि विभाग की उपलब्धियों के तहत जिले के भीतर 30,000 किसानों के भ्रमण की उपलब्धि दर्ज की गई है, जबकि राज्य के बाहर 850 किसानों को भ्रमण कराया गया है।
किसानों को एकीकृत कृषि प्रणाली से जोड़ने और उन्हें प्रेरित करने के लिए 23 अक्टूबर को एक बड़ी बैठक आयोजित करने का आदेश दिया गया है। इस बैठक में जिला उद्योग केंद्र, पशुपालन, मत्स्य विभाग, मनरेगा और गव्य विकास विभाग सहित सभी संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी शामिल होंगे।